Pahalgam Terror Attack: ‘अगर मंदिर नहीं जाते तो मारे जाते’, जब पहलगाम में हनीमून कपल पर हुई भगवान शिव की कृपा!

Pahalgam Terror Attack: पहली बार एक-दूजे का हाथ थामे, नई जिंदगी की शुरुआत के ख्वाब लिए पहलगाम पहुंचे थे वे। चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाडियां, दिलों में प्यार और आंखों में मुस्कान थी। लेकिन किसे पता था कि इस खूबसूरत सफर का रास्ता अचानक मौत के साए से गुजर जाएगा।

Pahalgam Terror Attack

दो जोड़े, जो सिर्फ हनीमून मनाने आए थे, पल भर में ऐसी खौफनाक हकीकत से रूबरू हुए जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। उस दिन अगर भूख न लगती या शिव मंदिर न बुलाता, तो शायद आज वे खबर का हिस्सा नहीं, बस एक आंकडा होते।

भूख लगी और बच गई जान

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया, जिसमें 28 लोगों की जान चली गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने धार्मिक पहचान पूछकर गोलियां चलाईं। इसी बीच पश्चिम बंगाल से एक नविवाहित जोड़ा भी हनीमून मनाने वहां पहुंचा था। कोलकाता के देबराज घोष और उनकी पत्नी भी बाइसारन घाटी जाने की तैयारी में थे।

पोनी बुक हो चुके थे, बैग पैक था और दोनों अपने पहले पहाडी सफर को लेकर उत्साहित थे। लेकिन देबराज को अचानक भूख लगी और उन्होंने पत्नी से कहा, "पहले कुछ खा लेते हैं।" जैसे ही वे होटल के पास पहुंचे, गोलियों की आवाज गूंजी। देबराज ने झट से पत्नी को होटल में खींच लिया और दोनों अंदर ही छिप गए। श्रीनगर में देबराज ने बताया कि हम हिल भी नहीं सके, बस प्रार्थना करते रहे। दोनों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि एक छोटा सा फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बडा मोड बन जाएगा।

शिव मंदिर का बुलावा बना जीवनदायिनी पुकार

नदिया जिले के सुदीप्तो दास और उनकी पत्नी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सुदीप्ता दास और उनकी पत्नी अपनी जिंदगी का श्रेय एक शिव मंदिर को देते हैं। सुदीप्ता ने बताया, "हम भी बैसरन घाटी जाने वाले थे, लेकिन मेरी पत्नी को अचानक एक शिव मंदिर जाने की इच्छा हुई।" जैसे ही उनकी पूजा समाप्त हुई, ड्राइवर ने खबर दी कि केवल एक किलोमीटर दूर फायरिंग शुरू हो गई है। सुदीप्ता ने कहा, "अगर हम मंदिर नहीं गए होते, तो आज हमारी मौत हो गई होती। यह भगवान शिव की कृपा है।"

इस हमले में पश्चिम बंगाल के तीन पर्यटकों की मौत हो गई। हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाने की खबरों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। लेकिन इन दो नवविवाहित जोड़ों के लिए, यह यात्रा उनके जीवन का सबसे बड़ा चमत्कार साबित हुई। एक ऐसा चमत्कार जो शायद उनके भोजन और भगवान शिव की कृपा से संभव हुआ।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+