30 दिनों में 75% आबादी को दी जाए वैक्सीन की सिंगल डोज, तो मृत्यु दर में आ सकती है कमी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 18 जुलाई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद देश में टीकाकरण की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया गया है। देश में अब तक 30 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इस बीच कोविड की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए एक अध्ययन सामने आया है जिसमें कहा गया है कि एक जिले में 30 दिनों की अवधि के भीतर कम से कम 75 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक दिए जाने पर मृत्यु दर में 37 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक लैंसेट जर्नल में प्रकाशित इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा किए गए मॉडलिंग अध्ययन में आगे कहा गया है कि एक महीने में तीन-चौथाई आबादी का टीकाकरण जिले में 26 प्रतिशत संक्रमण को कम कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिसर्च में कहा गया है कि किसी भी क्षेत्र में कोरोना वायरस की दो लहरों के बीच समय के अंतराल के दौरान कोविड टेस्ट पॉजिटिविटी रेट अगर 0.5 प्रतिशत को पार कर जाती है तो इसे आगामी वेव के लिए अलर्ट होने के रूप में देखा जाना चाहिए।
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अध्यन में 'रैपिड-रिस्पांस वैक्सीनेशन' के रूप में जानी जाने वाली रणनीति का सुझाव दिया गया है जिसे नई लहर की शुरुआत में कोविड टेस्ट सकारात्मकता 0.5 प्रतिशत की सीमा को पार करने के बाद शुरू किया जा सकता है। रिपोर्ट में आईसीएमआर के महामारी विज्ञान और संचारी रोग विभाग के प्रमुख डॉ समीरन पांडा के हवाले से कहा गया, इस तकनीक के अनुसार हमने एक टीकाकरण रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया है जो सिंगल डोज के साथ बड़ी आबादी को कवर कर सकता है। इस रणनीति से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की 75% आबादी को वैक्सीन की पहली डोज एक महीने में दी जा सकती है।












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