राजस्थान सियासी संग्राम: सीपी जोशी की याचिका पर SC में सुनवाई कल, स्पीकर ने पायलट खेमे पर दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली। राजस्थान का राजनीतिक विवाद अब हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट खेमे की याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब 24 जुलाई को अपना फैसला सुनाएगी साथ ही कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को फैसला आने तक सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। इस फैसले के खिलाफ अब सीपी जोशी ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। जानकारी के मुताबिक सीपी जोशी की याचिका पर कल (23 जुलाई) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस ने बेंच का गठन भी कर दिया है। सीपी जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस किशन मुरारी की बेंच मामले की सुनवाई करेगी और जस्टिस बीआर गवई भी बेंच में शामिल रहेंगे।
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इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 1992 में एक संविधान पीठ ने फैसला दिया कि अध्यक्ष के पास अयोग्यता को लेकर कार्रवाई करने शक्ति है। कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक ने मेरे समक्ष याचिका दायर की और मैंने संबंधित विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, उसके बाद इस मामले को अदालत में ले जाया गया। सीपी जोशी ने आगे कहा कि मेरा प्रयास अदालत के आदेश का सम्मान करना था, इसलिए मैंने अदालत के कहने पर 21 जुलाई की सुनवाई बढ़ा दी।
उन्होंने कहा, चूंकि मामला अदालत में है इसलिए विधानसभा स्पीकर के तौर पर इस मामले में आगे नहीं बढ़ा सकता। मैंने अध्यक्ष की शक्तियों और संविधान पीठ के विरोधाभासी बी/डब्ल्यू निर्णयों से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर की है। सीपी जोशी ने कहा, जब नोटिस जारी किए गए थे तो उन्हें (कांग्रेस के बागी विधायकों को) नोटिस का जवाब देना चाहिए था। इस दौरान अगर उन्हें लगा कि कार्रवाई संतोषजनक नहीं है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। सीपी जोशी ने आरोप लगाते हुए कहा, अयोग्य ठहराए गए विधायक इस प्रक्रिया में गतिरोध उत्पन्न करना चाहते हैं जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।
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