Rahul Gandhi कभी ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाना फिर पीड़ितों से मिलना, कांग्रेस को भारी पड़ेगा ये कन्फ्यूजन?
Rahul Gandhi In Poonch: राहुल गांधी शनिवार को पुंछ में पाकिस्तान की गोलीबारी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ितों के साथ मुलाकात के बाद उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही स्थिति ठीक हो जाएगी। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर पर एक ओर लगातार सवाल भी उठा रहे हैं और दूसरी ओर पाकिस्तान के आतंक से पीड़ितों से भी मुलाकात की है। राहुल ही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए इसे छोटी जंग करार दिया था।
Rahul Gandhi ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दिख रहे कन्फ्यूज
राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर पर अब तक अपना स्पष्ट स्टैंड नहीं समझा पाए हैं। पहले कांग्रेस और नेता विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सेना के शौर्य की प्रशंसा करते हुए सरकार के साथ एकजुटता का इजहार किया था। इसके एक सप्ताह बीतते-बीतते कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड बदल लिया। राहुल ने पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर सवाल उठाए और फिर वह लगातार भारतीय फाइटर जेट्स को हुए नुकसान की रिपोर्ट मांग रहे हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर उनके पार्टी के बीच ही असमंजस जैसी स्थिति नजर आ रही है।
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अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रही है कांग्रेस?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पूरे देश में गम का माहौल था। सेना ने जब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी कैंपों को निशाना बनाया, तो पूरे देश ने एक स्वर में एकजुटता का प्रदर्शन किया था। शुरुआत में कांग्रेस भी सरकार के साथ खड़ी लग रही थी और इसे राष्ट्रहित पर एकजुटता के तौर पर देखा गया। हालांकि, जैसे कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्री को घेरने की कोशिश की, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सवाल उठाए गए और फिर ऑल पार्टी डेलिगेशन पर विवाद हुआ उससे फिलहाल कांग्रेस को ही नुकसान होता दिख रहा है।
कांग्रेस के अंदर ही दिख रहे अलग-अलग सुर
असदुद्दीन ओवैसी जैसे मोदी सरकार के आलोचक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार के साथ बिना शर्त एकजुटता दिखाई है। दूसरी ओर शशि थरूर ने भी खुलकर सरकार के साथ एकजुटता दिखाई है और वह पार्टी के विरोध को दरकिनार कर ऑल पार्टी डेलिगेशन के एक गुट का नेतृत्व करने का मौका देने पर केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया है।
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कांग्रेस ने ऑल पार्टी डेलिगेशन में शशि थरूर को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कांग्रेस के अंदर की ही राजनीति खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस अपनी मंशा स्पष्ट तौर पर अब तक स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आखिर वह ऑपरेशन सिंदूर पर देश के साथ है या नहीं? कुल मिलाकर मौजूदा हालात में कांग्रेस और राहुल गांधी ही इस मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रहे हैं।












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