रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत पहुंचे, पीएम मोदी ने रशियन ट्वीट से किया वेलकम
नई दिल्ली। बुधवार देर रात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की सरजमीं पर पैर रख दिया। पुतिन आज पीएम मोदी के साथ शिखर वार्ता का हिस्सा बनेंगे। दोनों देशों के लिए यह वार्ता और मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच में परमाणु उर्जा, हाइड्रोकार्बन्स और रक्षा के क्षेत्र को और कैसे मजबूत बनाया जाये को लेकर बातें होंगी।
पुतिन के आने की जानकारी पीएम मोदी ने ट्विटर पर ही दी उन्होंने रशियन भाषा में ट्विट किया, जिसके मुताबिक उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है।
मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि वक्त बदल गया है लेकिन हमारे संबंधों में कोई फर्क नहीं आया है इसलिए अब हम अपनी दोस्ती को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं और आज उसी दिशा में हमारा पहला कदम है।
पीएम मोदी ने रशियन ट्वीट से किया रूसी राष्ट्रपति पुतिन का वेलकम
आपको बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें दिग्गज उद्योगपति भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि शिखर वार्ता के दौरान दोनों देश अपने महत्वपूर्ण रणनीतिक संबंधों के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण स्थापित करने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। रूस के राष्ट्रपति भारतीय संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे।
पुतिन के दौरे से भारत-रूस संबंधों में आएगी गरमाहट
हालांकि मोदी और पुतिन की पहले कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मुलाकात हो चुकी है, लेकिन अभी तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर कोई बातचीत नहीं हुई है। आपको बता दें कि रूस की प्रमुख हीरा खनन कंपनी अलरोजा भारतीय कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योग के साथ घनिष्ट संबंध बनाना चाहती है। भारतीय हीरा उद्योग दुबई और बेल्जियम से असंशोधित हीरे का आयात करता है, जिसका उत्पादन मुख्य रूप से रूस में होता है।
इधर भारत में सूरत और जयपुर जैसे शहर हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। भारत में अपरिष्कृत हीरे का वैश्विक आयात सीधे रूस से होने वाले आयात का आकार पांच फीसदी से भी कम है। इसलिए दोनों पक्षों का मानना है कि यदि भारत सीधे रूस से हीरे का आयात करे, तो अपरिष्कृत हीरे का द्विपक्षीय कारोबार पांच अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इसलिए मोदी और पुतिन की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है देखते हैं कि उनकी इस मुलाकात से दोनों देशों के रिश्ते कौन सा आकार लेते हैं?













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