PM Modi Birthday 2025: वो 5 बातें, जिससे नरेंद्र मोदी बने World Leader, ट्रंप-पुतिन भी करते हैं सैल्यूट!
PM Modi Birthday 2025: आज यानी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पीएम मोदी का जन्मदिन केवल जश्न का मौका नहीं है, बल्कि उस नेता की गाथा को याद करने का अवसर है जिन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उनकी दूरदर्शी सोच, निर्णायक नेतृत्व और 'वसुधैव कुटुंबकम' के दर्शन ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका दिलाई।
जी-20 अध्यक्षता से लेकर रणनीतिक साझेदारियों तक, मोदी ने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल उभरती शक्ति नहीं, बल्कि विश्व गुरु बनने की राह पर है। इस रिपोर्ट में जानते हैं 5 बड़ी बातें, जिससे नरेंद्र मोदी बने World Leader और जिनके काम को ट्रंप-पुतिन जैसे विश्व नेता भी करते हैं सैल्यूट।

निर्णायक और सशक्त नेतृत्व
अंतरराष्ट्रीय मंच पर, पीएम मोदी को एक निर्णायक और स्थिर नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जाता है। यूक्रेन युद्ध या इज़राइल-हमास संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर भारत की स्वतंत्र और संतुलित प्रतिक्रिया ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अब सिर्फ एक उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।
सक्रिय विदेश नीति और कूटनीतिक पहल
पीएम मोदी की विदेश नीति कई प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है
- पड़ोसी पहले (Neighbourhood First): उन्होंने अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ी।
- एक्ट ईस्ट (Act East): भारत की "लुक ईस्ट पॉलिसी" को "एक्ट ईस्ट" में बदलकर उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ संबंधों को और गहरा किया।
- इंडो-पैसिफिक विजन (Indo-Pacific Vision): अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ मिलकर क्वाड (Quad) जैसे मंचों को मजबूत किया, जो इस क्षेत्र में भारत के प्रभाव को दर्शाता है।
इन नीतियों ने भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मजबूती दी है।
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वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त उपस्थिति
- पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र, जी-20, ब्रिक्स और एससीओ जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत के हितों को मजबूती से रखा है।
- G20 की अध्यक्षता: 2023 में भारत की G20 की अध्यक्षता एक बड़ी सफलता मानी गई। 'वसुधैव कुटुंबकम' (एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य) की थीम के साथ भारत ने ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की आवाज को बुलंद किया और अफ्रीकी संघ को G20 का पूर्ण सदस्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- बहुआयामी कूटनीति: भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित बनाए रखा है, भले ही उनके हित अलग-अलग हों।
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भारतीय प्रवासियों से लगातार मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) के साथ बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए। इन आयोजनों ने भारतीय प्रवासियों को भारत का वैश्विक राजदूत बनने के लिए प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप भारत की सॉफ्ट पावर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और प्रवासी भारतीय अपने मेजबान देशों में भारत के हितों और समर्थन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगे। इस रणनीति से भारत ने न केवल अपनी वैश्विक छवि मजबूत की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने प्रभाव को भी बढ़ाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: अंतरराष्ट्रीय सम्मान और वैश्विक मान्यता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अब तक अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का लंबा रिकॉर्ड है। अलग-अलग देशों से उन्हें कुल 27 सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें 8 मुस्लिम देशों से भी विशेष पुरस्कार शामिल हैं। ये मुस्लिम देश हैं: कुवैत, इजिप्ट, बहरीन, मालदीव, UAE, फिलिस्तीन, अफगानिस्तान और सऊदी अरब।
- 2016: सऊदी अरब, अफगानिस्तान
- 2018: फिलिस्तीन
- 2019: बहरीन, मालदीव, UAE
- 2020: अमेरिका
- 2021: भूटान
- 2023: ग्रीस, फ्रांस, इजिप्ट, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, फिजी
- 2024: कुवैत, गुयाना, बारबडोस, नाइजीरिया, डोमिनिका, रूस
- 2025: नामीबिया, ब्राजील, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, घाना, साइप्रस, श्रीलंका, मॉरिशस
इन पुरस्कारों और सम्मानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक छवि कितनी मजबूत और प्रभावशाली है। उनके नेतृत्व में भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान और मान्यता मिली है, और देश की छवि एक सक्रिय और भरोसेमंद वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित हुई है।












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