पेट्रोल-डीजल के और भी घट सकते हैं दाम अगर.......नितिन गडकरी ने दिखाया उम्मीद का बड़ा रास्ता
नई दिल्ली, 11 नवंबर: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में पेट्रोल और डीजल के दाम और कम होने की एक बड़ी उम्मीद जता दी है। लेकिन, उनका भरोसा अकेले केंद्र सरकार के हाथों में नहीं टिका है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार तेल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए तैयार है, लेकिन कुछ राज्य सरकारे इस प्रस्ताव में अड़ंगा लगा रही हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल कर लिया गया तो आम लोगों को भी राहत मिलेगी, साथ ही साथ केंद्र और राज्य सरकारों की आमदनी भी बढ़ जाएगी। इस बीच उन्होंने अपनी सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल से उत्पाद शुल्क घटाने की तारीफ की है।

कुछ राज्य पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के खिलाफ-गडकरी
बुधवार को टाइम्स नाउ समिट 2021 को वर्चुअल माध्यम के जरिए संबोधित करते हुए वे बोले कि 'कुछ राज्य अभी भी इसका जीएसटी काउंसिल में विरोध कर रहे हैं। हमारी वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) इस पर काम कर रही हैं और अगर सभी राज्य तैयार हो जाते हैं तो हम इसका समर्थन करेंगे।' वे बोले, 'कुछ राज्य पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के खिलाफ हैं। यदि पेट्रोल और डीजल जीएसटी के दायरे में आ जाएंगे तो इन उत्पादों पर टैक्स घट जाएगा और केंद्र और राज्यों दोनों के राजस्व में भी इजाफा होगा।'

पेट्रोल-डीजल के और भी घट सकते हैं दाम अगर......गडकरी
पिछले कुछ महीनों से देश में तेल की ज्यादा कीमतों के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल से उत्पाद शुल्क घटाकर केंद्र ने सक्रिय पहल किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 'केंद्र की ओर से इस बड़े पहल के बाद राज्यों की ओर से भी जल्द शुल्क कम कर दिए जाएंगे।' गडकरी ने कहा कि तेल और गैस को जीएसटी के दायरे में लाने का परिणाम यह होगा कि इसके दामों में कमी आएगी और राजस्व भी बढ़ेगा और इससे राज्यों को भी फायदा होगा। हालांकि, उन्होंने उन राज्यों का नाम नहीं लिया, जो इस जनहित वाले प्रस्ताव में अड़ंगा डाल रहे हैं।

जीएसटी काउंसिल में नहीं बनी थी बात
गौरतलब है कि सितंबर महीने में जीएसटी काउंसिल में केरल हाई कोर्ट के कहने पर इस पर चर्चा की गई थी, लेकिन कुछ राज्यों के विरोध के चलते यह ठंडे बस्ते में पड़ गया था। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के बाद इनके दाम घट जाएंगे। नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार की ओर से हाल में पेट्रोल-डीजल से उत्पाद शुल्क घटाने (पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर) के बारे में कहा है कि, 'जिस तरह से केंद्र ने आम लोगों को राहत उपलब्ध करवाई है, उम्मीद है कि राज्यों की ओर से भी डीजल और पेट्रोल पर टैक्स (वैट) में कटौती की जाएगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।'
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80% तेल और गैस का आयात करता है भारत
भारत 80% तेल और गैस का आयात करता है, जिसपर 8 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। सरकार का अंदाजा है कि आने वाले 5 वर्षों में तेल का यह बिल 25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। गडकरी ने कहा है कि आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार इथेनॉल, इलेक्ट्रिक और ग्रीन हाइड्रोज पावर वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सारी कोशिशें कर रही है।












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