One Nation One Election: कर्नाटक सरकार को नामंजूर, सिद्दारमैया को कांग्रेस हाई कमान के इशारे का इंतजार!
One Nation One Election News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने वन नेशनल वन इलेक्शन बिल को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वन नेशनल वन इलेक्शन वाला विधेयक देश के संसदीय लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर प्रहार है।
कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया की ओर से जारी एक बयान में अगले हफ्ते संसद में पेश किए जाने वाले एक राष्ट्र, एक चुनाव वाले विधेयक की पूरजोर निंदा की गई है और कहा गया है कि अगर कांग्रेस हाई कमान ने हरी झंडी दे दी तो विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पास किया जा सकता है।

अलोकतांत्रिक प्रस्ताव को देश पर थोपने की कोशिश- सिद्दारमैया
उन्होंने कहा,'ऐसे समय में जब मौजूदा चुनाव प्रणाली में सुधार की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता है, ऐसा विधेयक लोकतंत्र के आधार को और ज्यादा कमजोर ही करेगा। इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी देने से पहले मोदी सरकार को विपक्षी दलों और राज्य सरकारों के साथ चर्चा करनी चाहिए थी। लेकिन,अपनी तानाशाही प्रवृत्ति के अनुसार ही,बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस अलोकतांत्रिक प्रस्ताव को देश पर थोपने की कोशिशों में लगी है।'
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'कांग्रेस हाई कमान ने कहा तो इस विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे'
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल सरकार ने पहले ही वन नेशनल वन इलेक्शन के विरोध में प्रस्ताव पास करा लिया है और अपनी आपत्ति केंद्र से जता दी है। उन्होंने कहा,'अगर जरूरत पड़ी तो हमारी सरकार भी कांग्रेस हाई कमान से संपर्क करेगी और इस तरह के लोकतंत्र-विरोधी कदम के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए इसी तरह के प्रस्ताव को अपनाएगी।'
विधेयक के मसौदे को लेकर उठाया सवल
सिद्दारमैया ने दावा किया कि यह विधेयक उस संकट का कोई समाधान नहीं करता, जब ऐसी स्थिति पैदा होगी जब लोकसभा या राज्य विधानसभा में सत्ताधारी पार्टी अपना बहुमत खो देगी। ऐसी परिस्थितियों में लोकतांत्रिक उपाय सिर्फ नया चुनाव करवाने का ही होता है।
वे बोले कि विश्वास खोने के बाद भी अल्पमत की सरकार को सत्ता में बनाए रखना लोकतंत्र के साथ विश्वासघात से कम नहीं होगा। ऐसी दोषपूर्ण चुनाव प्रणाली को अपनाने के लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और संविधान के कम से कम पांच प्रमुख प्रावधानों में संशोधन की जरूरत पड़ेगी।
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विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए नौटंकी- कर्नाटक के मुख्यमंत्री
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अभी चुनाव आयोग के पास देश में एक साथ चुनाव करवाने की न तो क्षमता है और न ही संसाधन ही उपलब्ध है। उनके मुताबिक,'वन नेशनल वन इलेक्शन नौटंकी मोदी सरकार की ओर से अपनी बड़ी विफलताओं से ध्यान भटकाने का एक और हताशा भरी कोशिश है। यह चुनाव सुधारों के लिए नहीं है, बल्कि सत्ता पर पकड़ मजबूत करने और हमारे देश की लोकतांत्रिक भावना को कमजोर करने के लिए है।'












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