NTA की तिजोरी फुल, छात्रों का भविष्य गुल! 6 साल में कमाए 3500 करोड़ से ज्यादा, फिर क्यों लीक हो रहे NEET पेपर?

NEET Paper Leak: नीट जैसी बड़ी परीक्षा जब बार-बार विवादों में फंसती है, तो सबसे बड़ा झटका उन लाखों छात्रों को लगता है जिन्होंने महीनों तक दिन-रात मेहनत की होती है। इस बार भी वही हुआ। पेपर लीक की खबरों के बीच परीक्षा रद्द करनी पड़ी और छात्रों के भविष्य पर फिर सवाल खड़े हो गए। लेकिन इस पूरे विवाद के बीच एक और बात ने लोगों का ध्यान खींचा है - NTA की कमाई।

संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 2018 से 2024 के बीच परीक्षा फीस से 3,513.98 करोड़ रुपये कमाए। हैरानी की बात यह है कि खर्च निकालने के बाद भी एजेंसी के पास 449 करोड़ रुपये बच गए। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि जब पैसे और संसाधनों की कमी नहीं थी, तो परीक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों रही कि बार-बार पेपर लीक जैसे मामले सामने आते रहे?

NEET Paper Leak

छह साल में हजारों करोड़ की कमाई

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक NTA ने 2018 से 2024 के बीच कुल 3,513.98 करोड़ रुपये की आय हासिल की। इनमें से करीब 3,064.77 करोड़ रुपये परीक्षा कराने में खर्च हुए, जबकि लगभग 449 करोड़ रुपये सरप्लस के तौर पर बच गए। यह रकम दिखाती है कि एजेंसी लगातार बड़े स्तर पर कमाई करती रही है।

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हर साल तेजी से बढ़ी आय

NTA की सालाना कमाई का ग्राफ लगातार ऊपर गया।

  • 2018-19 में एजेंसी की कमाई ₹101.51 करोड़ थी।
  • 2019-20 में यह बढ़कर ₹488.08 करोड़ पहुंच गई।
  • 2021-22 में आय ₹494.46 करोड़ रही।
  • 2022-23 में पहली बार बड़ा उछाल आया और कमाई ₹873.20 करोड़ तक पहुंच गई।
  • 2023-24 में NTA ने ₹1,065.38 करोड़ की रिकॉर्ड आय दर्ज की।

यानी कुछ ही वर्षों में एजेंसी की सालाना कमाई कई गुना बढ़ गई।

CUET के बाद बदली तस्वीर

2022 में CUET शुरू होने के बाद NTA की आय में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली। पहले एजेंसी मुख्य तौर पर NEET और JEE जैसी परीक्षाएं कराती थी, लेकिन CUET आने के बाद लाखों नए छात्र इससे जुड़ गए।

CUET में आवेदन करने वाले छात्रों से विषयों के हिसाब से फीस ली जाती है। तीन विषयों तक के लिए ₹750 फीस देनी होती है, जबकि ज्यादा विषय चुनने पर रकम ₹1,750 तक पहुंच जाती है। इसी के बाद NTA की कमाई में अचानक बड़ा उछाल दर्ज हुआ।

कमाई बढ़ी, विवाद भी बढ़े

जैसे-जैसे NTA का दायरा बढ़ता गया, वैसे-वैसे एजेंसी पर सवाल भी तेज होते गए। 2024 में NEET पेपर लीक मामले ने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और मामले की CBI जांच तक हुई। अब 2026 में एक बार फिर परीक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

छात्र और अभिभावक पूछ रहे हैं कि जब एजेंसी के पास इतना बड़ा बजट था, तो सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं हो सकी।

परीक्षा कराने वालों को भुगतान तक नहीं

इस पूरे मामले में एक और बात चर्चा में है। NTA परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था संभालने के लिए स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों को सिटी कोऑर्डिनेटर बनाती है। यही लोग परीक्षा के दौरान जमीन पर पूरी व्यवस्था देखते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कई कोऑर्डिनेटरों को लंबे समय तक भुगतान नहीं मिला। कुछ मामलों में बकाया रकम लाखों रुपये तक पहुंच गई। ऐसे में एक तरफ एजेंसी के पास करोड़ों का सरप्लस होना और दूसरी तरफ काम करने वालों को भुगतान में देरी होना कई सवाल खड़े करता है।

संसद में भी उठा मुद्दा

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद Vivek K. Tankha ने NTA की कमाई और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में सरकार ने संसद में एजेंसी की आय और खर्च से जुड़े आंकड़े पेश किए। विपक्ष का आरोप है कि एजेंसी ने परीक्षाओं का दायरा तो तेजी से बढ़ाया, लेकिन सिस्टम को उतना मजबूत नहीं किया। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।

करोड़ों छात्रों का भविष्य जुड़ा

NTA सिर्फ एक परीक्षा कराने वाली संस्था नहीं है। NEET से मेडिकल कॉलेजों में दाखिला तय होता है। JEE Main इंजीनियरिंग की राह खोलता है। CUET से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एडमिशन मिलता है। ऐसे में जब एक ही एजेंसी करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े फैसले ले रही हो और उसी के जरिए हजारों करोड़ रुपये की फीस भी जमा हो रही हो, तो उसकी जिम्मेदारी भी काफी बड़ी हो जाती है।

अब छात्रों को नई तारीख का इंतजार

NEET 2026 रद्द होने के बाद अब लाखों छात्र नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं। कई छात्र महीनों से तैयारी कर रहे थे और अब उनके सामने फिर अनिश्चितता खड़ी हो गई है। इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर इतने बड़े बजट और संसाधनों के बावजूद परीक्षा व्यवस्था बार-बार सवालों के घेरे में क्यों आ रही है।

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