Shivraj Motegaonkar: कौन है 'M Sir' शिवराज मोटेगांवकर? गोल्ड मेडलिस्ट टीचर कैसे फंसा NEET पेपर लीक कांड में?
Shivraj Motegaonkar: NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर में 'रेनूकाई केमिस्ट्री क्लासेस' (RCC) चलाने वाले मशहूर शिक्षक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर (Shivraj Raghunath Motegaonkar) को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों द्वारा सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, रविवार को जांच एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ है।
छात्रों के बीच "एम सर" (M Sir) के नाम से मशहूर शिवराज मोटेगांवकर से CBI पिछले कई दिनों से उनसे पूछताछ कर रही थी, जिसके बाद अब उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे शिक्षा जगत और कोचिंग इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है।

लातूर से निकलकर पूरे महाराष्ट्र में अपनी पहचान बनाने वाले मोटेगांवकर ने छोटे स्तर से शुरुआत कर आरसीसी क्लासेस को एक बड़े कोचिंग नेटवर्क में बदल दिया। खेती करने वाले परिवार से आने वाले मोटेगांवकर की कहानी संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के दम पर सफलता पाने की मिसाल मानी जाती रही है। लेकिन अब उनका नाम जांच एजेंसियों की पड़ताल में आने के बाद शिक्षा जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है।
कौन है शिवराज मोटेगांवकर? NEET पेपर लीक कांड में गिरफ्तार
शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले हैं। शुरुआती दिनों में वह शहर में साइकिल से घूम-घूमकर बच्चों को निजी ट्यूशन पढ़ाया करते थे। बाद में उन्होंने किराए के एक छोटे कमरे में करीब 10 छात्रों के साथ कोचिंग शुरू की। यही छोटी शुरुआत आगे चलकर बड़े संस्थान में बदल गई।
खुद बनाते थे नोट्स
कोचिंग के शुरुआती दौर में मोटेगांवकर हर काम खुद संभालते थे। वह छात्रों को केमिस्ट्री पढ़ाते, हाथ से नोट्स तैयार करते और छोटी बैचों में 11वीं-12वीं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे। छात्रों के बीच उनकी पढ़ाने की शैली काफी लोकप्रिय होने लगी थी।
'लातूर पैटर्न' के साथ बढ़ी पहचान
पिछले दो दशकों में आरसीसी क्लासेस ने तेजी से विस्तार किया। इसी दौरान महाराष्ट्र में "लातूर पैटर्न" भी काफी चर्चित हुआ, जिसे प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे रिजल्ट देने के लिए जाना जाता है। आरसीसी क्लासेस का नाम भी इसी मॉडल के साथ जोड़ा जाने लगा।
महाराष्ट्र के कई शहरों में सेंटर
आज आरसीसी क्लासेस के सेंटर लातूर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर समेत कई शहरों में मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल करीब 40 हजार छात्र यहां दाखिला लेते हैं। संस्थान नीट, जेईई और सीईटी की तैयारी कराने के लिए जाना जाता है।
सोशल मीडिया पर भी मजबूत पकड़
आरसीसी क्लासेस की सोशल मीडिया पर भी बड़ी मौजूदगी है। इंस्टाग्राम पर इसके 66 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा यूट्यूब, व्हाट्सऐप और प्ले स्टोर पर मौजूद ऐप के जरिए भी छात्रों तक पढ़ाई सामग्री पहुंचाई जाती है। केमिस्ट्री नोट्स, टेस्ट सीरीज और डिजिटल पढ़ाई के कारण यह संस्थान छात्रों के बीच लोकप्रिय बना।
ग्रामीण छात्रों में खास पहचान
पूर्व छात्रों का कहना है कि मोटेगांवकर ने खासकर गांव और छोटे शहरों के छात्रों के लिए केमिस्ट्री को आसान बनाया। शुरुआत में संस्थान कम फीस और कॉन्सेप्ट बेस्ड पढ़ाई के लिए जाना जाता था। बाद में यहां डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज, मेंटरशिप प्रोग्राम और ऐप बेस्ड स्टडी मटेरियल भी शुरू किए गए।
गोल्ड मेडलिस्ट शिक्षक ने लीक किए NEET के पेपर?
शिवराज मोटेगांवकर केमिस्ट्री में एमएससी गोल्ड मेडलिस्ट बताए जाते हैं। शिक्षा क्षेत्र में उन्हें दूर की सोच रखने वाले शिक्षक के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि अब उनका नाम नीट पेपर लीक जांच से जुड़ने के बाद सुर्खियों में है।
सीबीआई रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर के बीच पुराने पेशेवर संबंधों की जांच कर रही है। पीवी कुलकर्णी को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि वह पहले आरसीसी क्लासेस में पढ़ा चुके हैं। जांच एजेंसियां अब दोनों के बीच संबंध और उसके पेपर लीक मामले से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।












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