इस ज्योतिर्लिंग के ट्रस्टी रह चुके हैं मुसलमान, Waqf में गैर मुस्लिमों को थोपने के आरोप के बीच खुलासा
Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पास होने के बाद गुरुवार (4 अप्रैल) को राज्य सभा में पेश किया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को पेश किया। बिल पेश होने के बाद राज्यसभा में इसको को लेकर चर्चा चली।
बुधवार (2 अप्रैल) को इसे लोकसभा में बहुमत से मंजूरी मिल गई थी। निचले सदन में 12 घंटे की लंबी बहस हुई, जिसके बाद यह विधेयक 288 मतों के समर्थन और 232 मतों के विरोध के साथ पारित हो गया।

गैर मुस्लिमों को जबरदस्ती थोपने का आरोप
वहीं इस बिल के विरोध करने वाले नेताओं का कहना है कि सरकार मुस्लिमों के ट्रस्ट में गैर मुस्लिमों को जबरदस्ती थोप रही है। इसी सवाल का जवाब लोकसभा में चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दिया।
बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि, मैं जिस क्षेत्र से चुन कर आता हूं वहां पर 12 ज्योतिर्लिंग का एक ज्योतिर्लिंग है। जहां के ट्रस्ट में मुस्लिम समुदाय के लोग भी रहे चुके हैं।
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जानिए निशिकांत दुबे ने क्या कहा?
झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि, मैं जिस क्षेत्र से चुन कर आता हूं वहां पर 12 ज्योतिर्लिंग का एक ज्योतिर्लिंग है। मेंबर ऑफ पार्लियामेंट होने के नाते में उसका ट्रस्टी हूं मेरे से पहले जो सांसद थे फुरकान अंसारी वो उसके ट्रस्टी रहे हैं।
वहीं उन्होंने आगे कहा कि, 6 महीने पहले तक हफीजुल हसन, एक मुसलमान बैद्यनाथ धाम ट्रस्ट का सेक्रेटरी था।
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नेहरू का नाम लेकर उठाया सवाल
वहीं उन्होंने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि, 'इस सदन की जानकारी के लिए बता दूं कि, 1947 में जब जवाहरलाल नेहरू ने शपथ लिया न प्रधानमंत्री पद का ये संविधान नहीं था। उन्होंने गीता पर हाथ रख कर शपथ लिया था प्रधानमंत्री का। उनको आप सेक्यूलर मानते हो या नहीं।'
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