Bihar News: श्रावणी मेला-2026: बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार सतर्क, 30 जून तक सभी मेंटेनेंस कार्य पूरे करने के निर्देश
बिहार का ऊर्जा विभाग श्रावणी मेला 2026 के दौरान सुरक्षित, निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना शुरू की है। उपायों में नए 11 kV समर्पित फीडर, 33 kV और 11 kV नेटवर्क का विस्तार, ट्रेलर-माउंटेड ट्रांसफार्मर और भागलपुर, बांका और मुंगेर में तीन मुख्य नियंत्रण कक्ष, 16 जोन और बढ़ी हुई स्टाफिंग के साथ शामिल हैं।
श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को विद्युत भवन, पटना में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में ऊर्जा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को 30 जून 2026 तक सभी विद्युत मेंटेनेंस कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा सचिव सह अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव ने की। बैठक में साउथ एवं नॉर्थ बिहार डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित भागलपुर, बांका, मुंगेर और सुल्तानगंज विद्युत आपूर्ति अंचल एवं प्रमंडल के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मेला क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर मोबाइल यूनिट, क्विक रिस्पॉन्स टीम, कंट्रोल रूम, अतिरिक्त मानवबल, आवश्यक विद्युत सामग्री और ट्रॉली माउंटेड ट्रांसफार्मर की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।
ऊर्जा विभाग ने बांका जिले के कांवरिया पथ पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए अतिरिक्त चार 11 केवी डेडिकेटेड फीडर (कवर्ड कंडक्टर) लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत करीब 1,738 पोल स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 33 केवी, 11 केवी एलटी लाइन और ट्रांसफार्मरों के संधारण एवं परिचालन कार्य भी 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 केवी की ओवरहेड लाइन को कवर्ड तार में बदलने का भी फैसला लिया गया है।
तीन जिलों में बनेंगे मुख्य कंट्रोल रूम
श्रावणी मेले के दौरान बेहतर समन्वय और आपात स्थिति से निपटने के लिए भागलपुर, बांका और मुंगेर में तीन मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। ये कंट्रोल रूम किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को तेजी से संचालित करेंगे।
मेला क्षेत्र के बेहतर संचालन के लिए सुल्तानगंज, बांका, भागलपुर और मुंगेर को मिलाकर कुल 16 जोन बनाए जाएंगे। ऊर्जा सचिव ने संबंधित जिलों में अतिरिक्त मानवबल की तैनाती के भी निर्देश दिए।
ऊर्जा सचिव अजय यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद बिजली सेवा उपलब्ध कराना है। इसके लिए ऊर्जा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications