Waqf Bill: सांसद इकरा हसन ने वक्फ बिल पर बहस के दौरान अयोध्या राम मंदिर और वैष्णो देवी का क्यों किया जिक्र?
Waqf Amendment Bill : वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 लोकसभा से पास हो गया है और अब 03 अप्रैल को इसे राज्यसभा में पेश कर दिया गया है। लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर 12 घंटे चर्चा चली...इस चर्चा के दौरान माता वैष्णो देवी और अयोध्या राम मंदिर का जिक्र भी किया गया...जिसपर लोकसभा में तीखी बहस छिड़ गई थी।
कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने वक्फ बिल पर बहस के दौरान अयोध्या राम मंदिर और वैष्णो देवी का जिक्र किया। दोनों सांसदों ने सवाल उठाया कि वक्फ विधेयक में खास तौर पर मुसलमानों को क्यों निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी और अयोध्या राम मंदिर के लिए अलग-अलग कानून हैं।

इकरा हसन बोलीं- क्या वैष्णो देवी और राम मंदिर की संपत्तियों की भी जांच की जाएगी?
चर्चा के दौरान इकरा हसन ने सवाल किया कि अगर सरकार वक्फ संपत्तियों की जांच कर सकती है तो क्या वैष्णो देवी और राम मंदिर की संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी सरकार ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट में यह शर्त रखी थी कि जिला मजिस्ट्रेट हिंदू होना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि वहां धर्मनिरपेक्षता क्यों नहीं लागू की गई। उन्होंने तर्क दिया कि नए कानून के प्रावधान अन्य धार्मिक ट्रस्टों पर लागू नहीं होते हैं और पूछा कि वक्फ बोर्ड के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
वेणुगोपाल ने इन चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि पारदर्शिता सभी धार्मिक संस्थानों पर लागू होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या नियम समान रूप से लागू होंगे या केवल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर स्पेशल नियम हैं।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन एक्ट का हवाला देते हुए, वेणुगोपाल ने इस बात पर जोर दिया कि बोर्ड का अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल होना चाहिए, या उपराज्यपाल हिंदू नहीं है तो हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाला कोई प्रमुख व्यक्ति होना चाहिए। उन्होंने देवस्थानम बोर्ड में भी इसी तरह के प्रावधानों की ओर इशारा किया और वक्फ बोर्ड के खिलाफ कथित भेदभाव पर सवाल उठाया।
सांसद संजय सिंह ने भी राम मंदिर का भी किया जिक्र
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज 03 अप्रैल को राज्यसभा में चर्चा के दौरान फिर से अयोध्या राम मंदिर का जिक्र किया। संजय सिंह ने कहा, ''इन लोगों ने राम मंदिर में घोटाला किया है, इन लोगों ने प्रभु श्री राम के नाम पर पैसा खाया है, ये राम मंदिर के चंदा चोर हैं...मेरे पास सबूत है, यह लोग वक्फ बिल धार्मिक संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए ला रहें है।''
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ बिल पर लोकसभा में कहा था, ''हम भी राम के वंशज हैं। मुझे राम मंदिर के ट्रस्ट में शामिल करा दीजिए...तब आप ऐसा क्यों नहीं करते हैं।''
वक्फ बिल चर्चा के दौरान सोशल मीडिया पर उठे राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर सवाल
सोशल मीडिया पर भी कई यूजर ने लिखा है कि अगर यदि वक्फ बोर्ड समिति में अन्य धर्म के लोग हो सकते है तो अयोध्या राम मंदिर समिति में क्यों नहीं? कहा जा रहा है कि अगर मुस्लिम, रविदासिया, बौद्ध, जैन, मदिर समितियों की संपत्तियों का ब्यौरा मंगा जा रहा है तो देश के सभी मंदिर की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजानिक क्यों नहीं हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर ट्रस्ट में किसी मुसलमान को सदस्य क्यों नहीं बनाया गया? यह दोहरी नीति क्यों है?
भाजपा नेताओं ने वैष्णो देवी और अयोध्या राम मंदिर के आरोपों पर क्या कहा?
वैष्णो देवी और अयोध्या राम मंदिर के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसदों ने कहा कि वैष्णो देवी मंदिर और राम मंदिर लाखों हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं और उन्हें वक्फ संपत्तियों से जोड़ना अनुचित है। कुछ भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर इस तरह की तुलना करके धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप भी लगाया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में आज गुरुवार (03 अप्रैल) को वक्फ बिल पर विपक्ष के रुख को लेकर निशाना साधा। जेपी नड्डा ने कहा, ''बिल में कहीं राम मंदिर आ रहा है तो कहीं कुंभ मेला का नाम लिया जा रहा है, बिहार चुनाव की भी चर्चा हो रही है... तो कोई एयर इंडिया की बात कर रहा है...ये सब सिर्फ चर्चा को डिरेल करने की कोशिश है। हमने कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना में वक्फ बिल को लेकर ज्यादा गंभीरता दिखाई है।''












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