'चटपटी बातें चुनकर खबर मत बनाइए' सुवेंदु अधिकारी की तारीफ पर विवाद बढ़ा तो भड़कीं Mahua Moitra
Mahua Moitra On Suvendu Adhikari Praise: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान और बगावत को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच TMC सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान सुर्खियों में आ गया, जिसमें उन्होंने बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के साथ अपने रिश्ते के बारें में खुल कर बात की थी।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जाने लगीं की क्या ममता की फायर ब्रांड नेता महुआ भी बागियों के गुट में शामिल होंगी। अब महुआ मोइत्रा ने खुद सामने आकर अपनी बात साफ की है।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि उनके इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को चुनकर सनसनीखेज तरीके से पेश किया गया। उनका कहना है कि पूरी बातचीत को नजरअंदाज कर केवल कुछ "चटपटे हिस्सों" को उछाला गया ताकि लोगों का ध्यान खींचा जा सके।
सुवेंदु अधिकारी को लेकर क्या बोली थीं महुआ?
BBC हिंदी और बांग्ला को दिए एक इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने टीएमसी में चल रही अंदरूनी नाराजगी और बगावत पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी छोड़ते समय अपना रुख साफ रखा था और इसी बात का वह सम्मान करती हैं।
महुआ ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी को यह समझ आ गया था कि जब तक अभिषेक बनर्जी पार्टी में प्रभावशाली भूमिका में रहेंगे, तब तक पार्टी का नियंत्रण उनके हाथ में नहीं आ सकता। इसलिए उन्होंने साफ तौर पर पार्टी छोड़कर बीजेपी का रास्ता चुना और पांच साल तक अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ी। महुआ के मुताबिक, "किसी व्यक्ति से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अगर वह अपनी स्थिति स्पष्ट रखता है तो उसमें सम्मान करने जैसी बात होती है।"
बागी नेताओं पर साधा निशाना
महुआ मोइत्रा ने TMC छोड़ने या नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो नेता आज अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, वे पहले भी उसी नेतृत्व में चुनाव लड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी आज पार्टी में नई भूमिका में नहीं आए हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी वह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे और पार्टी ने उनके नेतृत्व में शानदार जीत हासिल की थी।
महुआ ने सवाल किया कि अगर नेताओं को अभिषेक की कार्यशैली से दिक्कत थी तो उन्होंने पहले यह बात क्यों नहीं कही। चुनाव जीतने और पद हासिल करने के बाद अचानक विरोध करना राजनीतिक पाखंड जैसा लगता है।
ममता बनर्जी के समर्थन में उतरीं महुआ
इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने स्पष्ट कहा कि वह पूरी तरह से ममता बनर्जी के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर चर्चा और असहमति की हमेशा गुंजाइश रही है। महुआ ने बताया कि उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव बिना किसी बाहरी राजनीतिक सलाहकार संस्था की मदद के लड़ा था। इससे साबित होता है कि पार्टी में हर नेता को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को पार्टी के कामकाज से परेशानी है तो वह पार्टी छोड़ सकता है, लेकिन ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की लोकप्रियता के सहारे चुनाव जीतने के बाद उन्हीं पर हमला करना सही नहीं है।
सुवेंदु अधिकारी से पुराने रिश्तों का किया जिक्र
महुआ मोइत्रा ने इंटरव्यू में अपने और सुवेंदु अधिकारी के पुराने संबंधों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि दोनों एक समय अच्छे दोस्त थे और राजनीति के शुरुआती दौर में सुवेंदु ने उनकी काफी मदद की थी।
महुआ ने याद किया कि जब उन्होंने करीमपुर से चुनाव लड़ा था, तब प्रचार के लिए बहुत कम लोग आते थे। उस समय सुवेंदु अधिकारी उनके साथ खड़े रहे और चुनाव प्रचार में मदद की।
उन्होंने 2014 की एक घटना का भी जिक्र किया, जब उन्हें लोकसभा टिकट नहीं मिला था और वह काफी निराश थीं। उस समय सुवेंदु अधिकारी ने उनका हौसला बढ़ाया था।
महुआ मोइत्रा के इंटरव्यू के बाद बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि महुआ ने साफ कर दिया है कि सुवेंदु अधिकारी की तारीफ का मतलब उनके राजनीतिक विचारों का समर्थन नहीं है, बल्कि उन्होंने केवल उनके फैसले को लेकर अपनी राय रखी थी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उनकी निष्ठा आज भी ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ है।














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