TMC के 20 बागी सांसदों की जाएगी सदस्यता? स्पीकर ओम बिरला से मिले अभिषेक बनर्जी ने कर दी बड़ी मांग

TMC Rebel MPs: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी बगावत अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पार्टी के 20 सांसदों के कथित तौर पर नई पार्टी नेशनल कांग्रेस प्रोग्रेसिव इंडिया (NCPI) में शामिल होने के बाद टीएमसी नेतृत्व ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इसी बीच TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने 19 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।

tmc-rebel-mps-disqualification-abhishek-banerjee

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी छोड़कर दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने वाले सांसदों ने दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने स्पीकर को 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपते हुए इन सभी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की।

'20 बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करें' -अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है। अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को कुल 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपी हैं, जिनमें इन सभी 20 बागी सांसदों को तत्काल प्रभाव से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।

अभिषेक बनर्जी ने बागी गुट द्वारा किए गए NCPI में विलय के दावे को पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा-"इन 20 बागी सांसदों ने सीधे तौर पर संविधान की 10वीं अनुसूची (Anti-Defection Law / दलबदल विरोधी कानून) की धज्जियां उड़ाई हैं। बंगाल की जनता इस राजनीतिक धोखे के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। किसी भी गुट के वैध विलय के लिए मूल पार्टी के विधायी दल में कम से कम दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है, जो इनके पास नहीं है। यह विलय पूरी तरह अमान्य है और इनकी संसद सदस्यता रद्द करने के लिए पर्याप्त मजबूत आधार है।"

जिस पार्टी में गए TMC के 20 बागी सांसद, उसके नेता को ही नहीं थी खबर! मर्जी भी नहीं पूछी गई ,अब खुद बताया सच
जिस पार्टी में गए TMC के 20 बागी सांसद, उसके नेता को ही नहीं थी खबर! मर्जी भी नहीं पूछी गई ,अब खुद बताया सच

अभिषेक बनर्जी का खुला चैलेंज

अभिषेक बनर्जी ने बेहद आक्रामक अंदाज में बागियों को चुनौती देते हुए कहा, "अगर इन बागी सांसदों में थोड़ी भी राजनीतिक ईमानदारी बची है, तो वे तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दें। वे पहले टीएमसी छोड़ें और फिर किसी दूसरी पार्टी के टिकट पर जनता के बीच दोबारा चुनाव लड़कर जीत हासिल करके दिखाएं। अगर वे पार्टी की नीतियों से नाखुश हैं, तो उन्हें TMC के नाम पर मिले पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED और CBI) का डर दिखाया जा रहा है, जबकि कुछ अन्य को भारी-भरकम पैसों का लालच देकर तोड़ा गया है, जिसके पुख्ता सबूत उनके पास मौजूद हैं। इस पूरे मामले पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों को सुनने की बात कही है और इस पर जल्द ही बड़ा फैसला आ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की याचिका

इसी बीच राजनीतिक दलों में नेताओं के लगातार पार्टी बदलने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका भी चर्चा में रही। याचिका में मांग की गई थी कि नेताओं के दल-बदल और इस्तीफों की निष्पक्ष जांच के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि वह किस राज्य और किस पार्टी की बात कर रहे हैं।

जब याचिकाकर्ता ने विभिन्न राज्यों में नेताओं को धमकी और लालच देकर पार्टी बदलवाने के आरोप लगाए, तो अदालत ने कहा कि याचिका ठोस तथ्यों और सबूतों के बिना दायर की गई है। अदालत ने टिप्पणी की कि याचिका अस्पष्ट, मनगढ़ंत और सामान्य आरोपों पर आधारित है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

अब स्पीकर के फैसले पर टिकी नजरें

TMC द्वारा 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग किए जाने के बाद अब सभी की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले पर टिकी हैं। यदि स्पीकर इस मामले में कार्रवाई करते हैं तो यह न केवल टीएमसी बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकता है। फिलहाल बंगाल की राजनीति में बगावत, दल-बदल और नेतृत्व संघर्ष का यह विवाद लगातार गहराता नजर आ रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में संसद और विधानसभा दोनों में देखने को मिल सकता है।

TMC की अंदरूनी लड़ाई में ऋतब्रत बनर्जी की बड़ी जीत! बने रहेंगे LoP, हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक से किया साफ इनकार
TMC की अंदरूनी लड़ाई में ऋतब्रत बनर्जी की बड़ी जीत! बने रहेंगे LoP, हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक से किया साफ इनकार
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+