Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

LPG Crisis: क्या है ECA और ESMA? क्यों हुआ कनफ्यूजन, क्या भारत में हुआ लागू? 10 बड़े अपडेट

LPG Crisis: अमेरिका-ईरान युद्ध और Hormuz Strait के बंद होने से ऊर्जा संकट गहराया है, जिससे भारत की 85% से अधिक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस विकट स्थिति में, केंद्र सरकार ने घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट (ECA) लागू किया लेकिन सोशल मीडिया पर खबर फैल गई कि सरकार ने ESMA लागू किया है, जिसके बाद लोगों के बीच में ECA और ESMA को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि ये दोनों एक्ट क्या हैं , कब होते हैं लागू , सरकार ने क्या कदम उठाया है, कौन सा एक्ट लागू हुआ है?

LPG Crisis: क्या है ECA?

ECA यानी Essential Commodities Act भारत का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे वर्ष 1955 में लागू किया गया था। इस कानून का उद्देश्य देश में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना तथा आम जनता को उचित कीमत पर जरूरी सामान उपलब्ध कराना है। सरकार इस कानून के जरिए उन वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण और भंडारण (स्टॉक) को नियंत्रित कर सकती है जो आम लोगों के लिए बेहद जरूरी होती हैं। केंद्र ने बढ़ते वेस्ट एशिया संघर्ष के कारण हुई दिक्कतों के बीच घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू किया है।

LPG Crisis: क्या है ESMA?

ESMA (Essential Services Maintenance Act) यानी आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम एक ऐसा कानून है, जिसे सरकार आवश्यक सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए लागू करती है। जब किसी जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर जाने की घोषणा करते हैं और इससे आम जनता को परेशानी होने की आशंका होती है। तब सरकार ESMA लागू करके हड़ताल पर रोक लगा सकती है लेकिन एक्ट भारत में लागू नहीं हुआ है और इसे लेकर केवल अभी तक भ्रम पैदाया जा रहा है इसलिए वायरल खबरों से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।

LPG Crisis: ESMA कब लगता है?

ESMA कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को मिलने वाली जरूरी सेवाएं बिना रुकावट जारी रहें। ईएसएमए को संसद ने 1968 में मंजूरी दी थी। मोदी सरकार की ओर से इस वक्त ESMA लागू करने के पीछे केवल उद्देश्य प्राकृतिक गैस का प्राथमिकता आवंटन सुनिश्चित करना है। इनमें घरेलू पाइप से गैस (PNG), परिवहन के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG), रसोई गैस (LPG) उत्पादन और पाइपलाइन परिचालन हेतु आवश्यक ईंधन शामिल हैं।

LPG Row: ESMA कब लागू किया जाता है?

सरकार ESMA तब लागू करती है जब किसी आवश्यक सेवा के बंद होने से लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित होने का अनुमान हो या फिर कर्मचारियों की हड़ताल या काम बंद करने की स्थिति हो या फिर आपातकालीन हालात हों या फिर स्वास्थ्य, परिवहन या ऊर्जा जैसी सेवाओं में बाधा की आशंका हो। जब ESMA लागू होता है तो संबंधित कर्मचारियों को हड़ताल करने की अनुमति नहीं होती। अगर इसके बावजूद कोई कर्मचारी हड़ताल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

LPG Price: क्यों महंगी हुई रसोई गैस?

भारत 60% LPG विदेशों से आयात करता है , जिसका लगभग 80-90% हिस्सा कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आता है जो कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते भारत आते हैं. युद्ध के चलते यह समुद्री रास्ता बेहद असुरक्षित हो गया है। जहाजों को रास्ता बदलकर आना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं इसलिए कीमत बढ़ गई है। नया रेट 7 मार्च से लागू हो गया है। आपको बता दें कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद नए दाम निम्नलिखित हैं।

  • दिल्ली में 14.2 kg वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रु और कमर्शियल सिलेंडर 1883 रु में मिल रहा है।
  • चेन्नई में 14.2 kg वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 928 रु और कमर्शियल सिलेंडर 2042 रु में मिल रहा है।
  • मुंबई में 14.2 kg वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 912 रु और कमर्शियल सिलेंडर 1835 रु में मिल रहा है।
  • कोलकाता में 14.2 kg वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 939 रु और कमर्शियल सिलेंडर 1875 रु में मिल रहा है।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+