Karnataka SIR Explained: कैसे भरा जाएगा एसआईआर फार्म? क्यों है जरूरी? समझिए यहां पूरा प्रोसेस
Karnataka SIR Explained: कर्नाटक राज्य में Special Intensive Revision (SIR)की प्रक्रिया शुरू हो गई है, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर लोगों को SIR फार्म दे रहे हैं लेकिन अगर आपको उसे समझने में दिक्कत आ रही है तो आप प्लीज घबराएं या परेशान ना हों, यहां हम आपको स्टेप बॉय स्टेप समझाते हैं कि आखिर SIR है क्या और क्यों हो रहा है और इसका फार्म कैसे भरना है।

क्या है SIR, क्यों हैं कर्नाटक में जरूरी?
चुनाव आयोग की ओर से 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' एक प्रक्रिया है, जिसके तहत पुराने वोटर डेटा की जांच करके वोटर लिस्ट को वेरिफ़ाई और अपडेट किया जाता है, जिससे कि चुनाव में वोटर्स की संख्या में पारदर्शिता बनी रहे, इसके जरिए मरे हुए लोगों, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए लोगों, एक ही व्यक्ति के कई बार नाम होने, गैर-नागरिक वोटरों के नाम अपडेट किए जाते हैं इसकी शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की थी, कर्नाटक में ये प्रक्रिया 24 साल बाद हो रही है और आगामी साल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये किया जा रहा है।
SIR में क्या होगा?
सबसे पहले Booth Level Officer (BLO) आपके स्थानीय पते पर आएगा और आपको इन्यूमरेशन फार्म देगा, जिसमें आपको अपने से जुड़ी जानकारी को भरना होगा,जैसे, जन्म तिथि, नौकरी, ईपीआईसी नंबर, पता, विधानसभा क्षेत्र इत्यादि, इस फार्मे के पीछे आपको BLO का नाम और मोबाइल नंबर भी अंकित होगा, जिसे कि अगर आपको फार्म भरने में दिक्कत आए तो आप उससे फोन करके पूछ सकते है। अगर फार्म में आपसे संबंधित कोई जानकारी गलत हो तो आप उसे सही भी करा सकते हैं।
फार्म भर लिया तो अब इसे जमा कैसे करें?
इसके दो तरीके हैं, अगर आप ऑफलाइन इसे भर रहे हैं तो बीएलओ को कॉल करें वो आपके घर से फार्म लेकर जाएगा ,फार्म लेने के बाद आपको बीएलओ एक रसीद देगा जिसे आपको सुरक्षित रखना होगा और अगर आप ऑनलाइन इसे भर रहे हैं तो सबसे पहले ECI की वेबसाइट को लॉगइन करें और वहां पर सारी जानकारी भरने के बाद इन्यूमरेशन फार्म को सबमिट करें।
SIR का पूरा प्रोसेस क्या है?
आपको बता दें कि 30 जून से कर्नाटक में सर्वे शुरू हो गया है, 29 जुलाई तक फार्म को जमा करना है, जिसके बाद 5 अगस्त चुनाव आयोग ड्राफ्ट मतदाता सूची को अपलोड करेगा, अगर इसमें कुछ गलत पाया गया तो आप करेक्शन करवा सकते हैं । 7 अक्टूबर को लास्ट वोटिंग लिस्ट जारी हो जाएगी।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
SIR पर बहुत सारे राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी लेकिन मई 2026 में, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) की वैधता को सही ठहराया और इसे 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' के हिसाब से सही माना, उसने साफ कहा कि चुनाव आयोग की यह संवैधानिक ज़िम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराए।














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