लगातार चौथी बार भी प्रधानमंत्री बनेंगे मोदी? राहुल गांधी का कितना है चांस? जानें पोल में क्या बोली पब्लिक
भारत की राजनीति इस समय एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर महाबहस छिड़ी है कि क्या नरेंद्र मोदी चौथी बार भी देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालेंगे, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के तीखे हमलों ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
वनइंडिया हिंदी ने सोशल मीडिया पर हाल ही में पोल कराया कि 'क्या लगातार चौथी बार भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनेंगे।' इस पोल पर बड़े ही दिलचस्प कमेंट आए हैं। आइए उसका एनालिसिस देखते हैं।

ये पोल इसलिए भी ज्यादा दिलचस्प है क्योंकि कुछ दिनों पहले ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार अंदरूनी मतभेदों और आर्थिक दबावों के कारण अगले एक साल के भीतर ही गिर जाएगी।
सोशल मीडिया पोल:PM मोदी के सपोर्ट और विरोध में क्या बोली पब्लिक?
क्या नरेंद्र मोदी चौथी बार भी देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालेंगे? वनइंडिया हिंदी के फेसबुक पोल ने में 2.2K से ज्यादा कमेंट्स आए हैं। इस पोल पर आई एंगेजमेंट यह साबित करती है कि यह मुद्दा लोगों में चर्चा का विषय है। हमने Apify Facebook Scraper की मदद से कमेंट्स के सेंटिमेंट एनालिसिस की। जिससे तीन बातें मौटे तौर पर निकलकर सामने आती हैं।
- मोदी समर्थकों का अटूट भरोसा: पोल में सबसे बड़ा हिस्सा पीएम मोदी के चाहने वालों का है। कमेंट करने वालों में लगभग 70-75% लोगों का मानना है कि इस समय देश के पास उनके अलावा कोई दूसरा मजबूत विकल्प (No Alternative) नहीं है। समर्थक इसे '2047 का विजन' और 'विश्वगुरु' के तौर पर देख रहे हैं। लोगों ने कमेंट में यहाँ तक लिखा कि देश के टॉप लीडर्स की लिस्ट में एक से दस तक सिर्फ मोदी जी का ही नाम आता है।
- विरोधियों का तीखा हमला: विरोध करने वाले यूजर्स का सबसे बड़ा निशाना इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर है। लगभग 20-25% विपक्ष के समर्थकों का दावा है कि अगर ईवीएम हटा दी जाए तो सत्ता पक्ष की राह मुश्किल हो जाएगी। इसके अलावा, कुछ लोगों ने पार्टी के भीतर के पुराने 75 साल वाले रिटायरमेंट नियम को लेकर भी घेरा है।
- न्यूट्रल तंज : कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सीधे किसी का पक्ष न लेकर देश के मौजूदा हालातों पर तंज कस रहे हैं। लगभग 5% लोग जैसे एक यूजर ने शायरी लिखकर यह बताने की कोशिश की कि राजनीति में जनता बाद में खुद को ठगा हुआ महसूस करती है।
राहुल गांधी की भविष्यवाणी: क्या गिरने वाली है मोदी सरकार?
इस सोशल मीडिया वॉर के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने आग में घी का काम किया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में साफ कहा कि देश के सरकारी संस्थानों के भीतर एक अंदरूनी असंतोष और गुस्सा पनप रहा है। राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि एक साल के अंदर नरेंद्र मोदी इस्तीफा दे देंगे नहीं तो ये सरकार गिर जाएगी। उनका कहना है कि जनता के भारी दबाव और बढ़ती आर्थिक दिक्कतों के कारण मौजूदा व्यवस्था अंदर से कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो आर्थिक सुरक्षा कवच देश को अंतरराष्ट्रीय झटकों से बचाते थे, वे अब गायब हैं, जिससे जल्द ही एक 'आर्थिक सुनामी' आ सकती है और सरकार गिर जाएगी। दूसरी तरफ, भाजपा ने इस दावे को हवाबाजी बताते हुए कहा कि यह सिर्फ देश में डर का माहौल बनाने की एक नाकाम कोशिश है।
2047 तक सत्ता में रह सकती है BJP? प्रदीप गुप्ता का दावा
चुनावी विश्लेषक और Axis My India के संस्थापक प्रदीप गुप्ता ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अगर बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है और सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो पार्टी का राजनीतिक दबदबा करीब 20 साल यानी 2047 तक भी जारी रह सकता है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में एक तरह का "20 साल का चक्र" देखने को मिलता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस भी लंबे समय तक सत्ता में रही थी, लेकिन बाद में उसका प्रदर्शन कमजोर पड़ने लगा। प्रदीप गुप्ता का मानना है कि अब बीजेपी और एनडीए के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ी हुई जन-उम्मीदों पर खरा उतरना है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार का कामकाज कमजोर नहीं पड़ता, तब तक उसके चुनाव जीतने की संभावना मजबूत रहेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जितनी ऊंचाई किसी दल को मिलती है, उतनी ही ज्यादा उससे जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं।
अब नजर डालते हैं कि PM मोदी के राजनीतिक सफर पर?
- नरेंद्र मोदी ने अपने सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में की थी और साल 1987 में वे आधिकारिक तौर पर भाजपा के संगठन का हिस्सा बने।
- साल 2001 में वे पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को जीत दिलाई और मई 2014 तक करीब 13 साल इस पद पर रहे। उनका यही 'गुजरात मॉडल' बाद में उनके केंद्र की राजनीति में आने का जरिया बना।
- 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 2014 में 282 सीटें और 2019 में रिकॉर्ड 303 सीटें जीतकर अपने दम पर सरकार बनाई थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 303 सीटें जीतीं।
- साल 2024 के आम चुनाव के बाद वे लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। जवाहरलाल नेहरू के बाद ऐसा करने वाले वे दूसरे राजनेता हैं, हालांकि इस बार सरकार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों के भरोसे चल रही है।















Click it and Unblock the Notifications