कर्नाटक: बीएस येदियुरप्पा के पूर्व असिस्टेंट के घर IT का छापा, करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट में हेरफेर का आरोप
बेंगलुरु, 7 अक्टूबर। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उनके परिवार के लिए नवरात्रि का पहला दिन अशुभ संकेत के साथ आया है। दरअसल, बीएस येदियुरप्पा के पूर्व निजी सहायक (पीए) उमेश के कई करीबियों के घरो और ऑफिसों में आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा। इनकम टैक्स विभाग ने ये कार्रवाई उमेश के पास कथित तौर पर अघोषित संपत्ति की सूचना मिलने के बाद की। अधिकारियों के अनुसार शहर में उमेश के आवास सहित 10 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आयकर अधिकारी उमेश के करीबी कई ठेकेदारों के घरों और कार्यालयों में भी तलाशी ले रहे हैं। मालूम हो कि जब बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर कार्यकत थे तो उस समय उमेश उनके पर्सनल असिस्टेंट (पीए) थे। आशंका जताई जा रही है कि पीए और उनके करीबियों पर आईटी के छापे की आंच बीएस येदियुरप्पा के परिवार तक भी पहुंच सकती है। बताया जा रहा है कि उमेश पहले एक बस कंडक्टर थे, बाद में शिमोगा भाजपा नेता अयानूर मंजूनाथ के संपर्क में आने पर राजनीतिक घेरे में आ गए और उनके निजी सहायक बन गए।
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इसके बाद उमेश येदियुरप्पा के बेटे और शिमोगा के सांसद बीवाई राघवेंद्र के सहायक के रूप में काम करने लगे। येदियुरप्पा के हालिया कार्यकाल के दौरान उमेश ने मुख्यमंत्री कार्यालय में पीए के रूप में कार्य किया। वह कथित तौर पर येदियुरप्पा के दूसरे बेटे, बीवाई विजयेंद्र के भी करीबी हैं। सूत्रों के अनुसार, उमेश ने सिंचाई के ठेके संभाले और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में स्थित बड़े ठेकेदारों से उनके करीबी संबंध थे। उन्होंने कथित तौर पर कटौती के बदले में सैकड़ों करोड़ के बड़े कॉन्ट्रैक्ट 'फिक्स' किए। वहीं, आयकर अधिकारियों का कहना है कि ये छापे कावेरी सिंचाई निगम और कृष्णा सिंचाई निगम, सिंचाई परियोजनाओं के प्रभारी दो राज्य के स्वामित्व वाली मेगा सहायक कंपनियों में 'फिक्सिंग' कॉन्ट्रैक्ट में उनकी कथित संलिप्तता पर केंद्रित हैं।












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