India EU FTA Benefits: भारत यूरोप से क्या-क्या खरीदता और बेचता है, कितने का Import-Export, किसको ज्यादा फायदा?
India EU FTA Free Trade Agreement 2026 Benefits: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 18 साल का लंबा इंतजार आज 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक समझौते के साथ समाप्त हो गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आधिकारिक मुहर लग चुकी है, जो 2027 से पूरी तरह प्रभावी होगा। 2007 से लंबित इस 'मदर ऑफ ऑल डील्स' से द्विपक्षीय व्यापार $136.53 बिलियन के मौजूदा स्तर से कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
इस ऐतिहासिक संधि से न केवल मर्सिडीज जैसी लग्जरी कारें, विदेशी चॉकलेट और डायमंड सस्ते होंगे, बल्कि भारतीय कपड़ा और फार्मा सेक्टर को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार में सीधी पहुंच मिलेगी। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि भारत और यूरोप के बीच साझेदारी के मौजूदा आंकड़े क्या हैं और दोनों शक्तियां किन वस्तुओं का आयात-निर्यात करती हैं।

भारत यूरोपीय संघ (EU) को क्या निर्यात करता है?
- पेट्रोलियम उत्पाद: निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा (17%), जिसकी मांग युद्ध के बाद बढ़ी है।
- फार्मा और रसायन: दवाइयां और जेनेरिक दवाओं की 15% हिस्सेदारी है।
- इलेक्ट्रॉनिक और कपड़ा: इलेक्ट्रॉनिक्स (11%) और तैयार परिधान (10%) का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है।
- IT सेवाएं: सूचना-प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं में भारत अग्रणी निर्यातक है।
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भारत यूरोपीय संघ (EU) से क्या आयात करता है?
यूरोपीय देशों से भारत मुख्य रूप से तकनीक और मशीनरी मंगवाता है:
- इलेक्ट्रॉनिक्स: कुल आयात का सबसे बड़ा हिस्सा, लगभग 25%।
- मशीनरी और उपकरण: औद्योगिक और बिजली के उपकरणों की हिस्सेदारी 20% है।
- विमान और परिवहन: एयरबस जैसे विमान और उनके पुर्जों का आयात (8%) प्रमुख है।
- लग्जरी कारें: मर्सिडीज और फॉक्सवैगन जैसी कारों व उनके पुर्जों की हिस्सेदारी 4% है।
- वाइन और स्पिरिट: वर्तमान में इन पर 150-200% ड्यूटी लगती है, जो FTA के बाद कम होगी।
- रत्न एवं आभूषण: बेल्जियम से आने वाले कच्चे हीरे पर शुल्क कम होने से आभूषण कारोबार को लाभ होगा।
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India-EU Deal: इन क्षेत्रों को डील से बाहर रखा गया है।
डेयरी और कृषि: भारत ने अपने करोड़ों किसानों के हितों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डेयरी और कृषि क्षेत्र को फिलहाल इस समझौते (Why agriculture Dairy sector excluded from India-EU FTA) से बाहर रखा है।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV): टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी घरेलू कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा प्रदान करने के लिए, इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले 5 साल तक ड्यूटी कटौती के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके बाद ही इन पर किसी प्रकार की रियायत पर विचार किया जा सकता है।
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India-EU Deal: इस ऐतिहासिक समझौते की नींव 2007 में रखी गई थी
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच इस ऐतिहासिक समझौते की नींव 2007 में रखी गई थी। 18 वर्षों के कड़े संघर्ष, कई दौर की वार्ताओं और नीतिगत मतभेदों को सुलझाने के बाद आखिरकार 'मदर ऑफ ऑल डील्स' धरातल पर उतरी है। हालांकि, इसे पूर्णतः लागू करने के लिए अब यूरोपीय संसद और भारत सरकार की औपचारिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, लेकिन यह 27 यूरोपीय देशों के साथ भारत के रिश्तों में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत है। यह केवल व्यापारिक संधि नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक मजबूती का आधार है, जिससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और करोड़ों भारतीयों के लिए रोजगार व तरक्की के नए द्वार खुलेंगे।












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