HMPV Active Cases In India: टेस्ट किए गए नमूनों में से 3% पॉजिटिव, भारत में 7 एक्टिव केस, जानें कहां-कहां?
HMPV Active Cases In India: चीन से भारत में एंट्री कर चुकी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। भारत में वायरस के सात एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से दो महाराष्ट्र, दो कर्नाटक, और दो तमिलनाडु में। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद में अभी तक सिर्फ एक एक्टिव केस पाया गया है। ये सभी संक्रमण बच्चे में पाए गए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों और सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वायरस खतरनाक नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
एचएमपीवी जैसे वायरल संक्रमण से संबंधित श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए गुजरात के शहरों के अस्पतालों में कई आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। वहीं , डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने बताया है कि एचएमपीवी मामलों की संख्या रखने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वायरस पहले भी फैल रहा था। आइए विस्तार से जानें अब तक के अपडेट...

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) क्या है?
HMPV एक सामान्य श्वसन वायरस है, जो हल्के जुकाम जैसे लक्षण पैदा करता है। यह वायरस निचले और ऊपरी श्वसन संक्रमण का कारण बन सकता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में।
- लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, और नाक बहना।
- इलाज: इसके लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। रोकथाम और सावधानी इसका सबसे प्रभावी तरीका है।
- इतिहास: यह वायरस पहली बार 2001 में पहचाना गया था और दुनिया भर में वर्षों से मौजूद है।
भारत में एचएमपीवी की स्थिति
- संख्या: अभी तक देश में कुल 7 मामले दर्ज किए गए हैं।
राज्यवार स्थिति:
- महाराष्ट्र: नागपुर से दो मामले।
- कर्नाटक: बेंगलुरु से दो मामले।
- तमिलनाडु: चेन्नई और सलेम से मामले।
- गुजरात: के अहमदाबाद में एक मामला।
केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
- सतर्कता: केंद्र सरकार ने राज्यों को श्वसन रोगों के लिए निगरानी बढ़ाने और जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया है।
- आइसोलेशन वार्ड: गुजरात जैसे राज्यों में HMPV से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।
- सामाजिक जागरूकता: पटना, हिमाचल प्रदेश, और मिज़ोरम जैसे राज्यों ने लोगों से सतर्क रहने और घबराने की जरूरत नहीं होने का संदेश दिया है।
क्या कहते हैं एक्स्पर्ट्स ?
डब्ल्यूएचओ की पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके मामलों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पहले से मौजूद है और खतरनाक नहीं है।
लोगों के लिए क्या सलाह?
- मास्क पहनें: वायुजनित संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें।
- सावधानी बरतें: सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ से बचें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
- घबराएं नहीं: विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस गंभीर खतरा नहीं है।
एचएमपीवी से जुड़े मुख्य तथ्य
- यह वायरस बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा प्रभावित करता है।
- संक्रमण की रोकथाम के लिए साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।
- सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं।
ये भी पढ़ें- HMPV Virus कैसे अलग है HRSV और COVID-19 से? शुरुआती लक्षण लगभग एक जैसे, परिणाम घातक!












Click it and Unblock the Notifications