Menstrual Hygiene पर ऐलान! दिल्ली के स्कूलों में अब Menstruation Corner, फ्री सैनिटरी पैड और हेल्पलाइन नंबर भी
Menstrual Hygiene in Delhi Schools: विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस (Menstrual Hygiene Day) के मौके पर दिल्ली सरकार ने स्कूली छात्राओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली के हर स्कूल में लड़कियों की हेल्थ, हाइजीन और सुरक्षा को लेकर बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। सरकार का फोकस सिर्फ सैनिटरी पैड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों का पूरा माहौल लड़कियों के लिए ज्यादा सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने पर होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "स्वस्थ और आत्मनिर्भर बेटियां ही विकसित दिल्ली की असली नींव हैं।" इसी सोच के साथ स्कूलों में साफ-सुथरे वॉशरूम, मेडिकल रूम और जागरूकता अभियान शुरू किए जाएंगे। खास बात यह है कि लड़कों को भी पीरियड्स और मेंस्ट्रुअल हेल्थ को लेकर जागरूक किया जाएगा ताकि स्कूलों में झिझक और शर्म की भावना कम हो सके।

हर स्कूल में होंगे Menstruation Corner
दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि स्कूलों में "मेंस्ट्रुएशन कॉर्नर" बनाए जाएंगे। यहां सैनिटरी नैपकिन, जरूरी हाइजीन प्रोडक्ट्स और अतिरिक्त इनरवियर जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा स्कूल वॉशरूम में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। सरकार का मानना है कि कई छात्राएं सिर्फ सुविधाओं की कमी की वजह से स्कूल आने से बचती हैं। ऐसे में यह पहल उनकी पढ़ाई पर पड़ने वाले असर को कम कर सकती है।
हेल्पलाइन नंबर से सीधे शिकायत
दिल्ली सरकार एक टोल-फ्री नंबर भी शुरू करने जा रही है। इस नंबर पर छात्र और अभिभावक सीधे अपनी शिकायत या सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। यह नंबर स्कूलों की दीवारों और एंट्रेंस पर साफ तौर पर लिखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद ली जा सके। इसके साथ ही सरकार स्कूलों में आरओ वाटर कूलर लगाने, सफेदी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के काम भी करेगी। जून से अगस्त के बीच बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
HPV Vaccine और Awareness पर भी फोकस
सरकार ने यह भी कहा है कि स्कूलवार एचपीवी वैक्सीनेशन (HPV Vaccination) का डेटा इकट्ठा किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी स्कूलों की छात्राओं की "हौसलों की उड़ान" कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि पीरियड्स को लेकर जागरूकता बढ़ाना सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का भी मुद्दा है। ऐसे में दिल्ली सरकार की यह पहल स्कूल शिक्षा और महिला स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।












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