Bishnoi Gang in Canada: कानाडा में बिश्नोई गैंग के 1000 शूटर्स, हर अमीर एशियाई निशाने पर, खुलासे से हड़कंप
Bishnoi Gang in Canada: कनाडा में सक्रिय गैंगस्टर Lawrence Bishnoi गैंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एक इमिग्रेशन सुनवाई के दौरान कनाडाई पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि गैंग ने पिछले साल पुलिस को भेजे पत्र में कहा था कि उसके पास पूरे कनाडा में 1,000 से ज्यादा 'फुट सोल्जर' मौजूद हैं।
ये लोग धमकी, वसूली और गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार रहते हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग अमीर दक्षिण एशियाई कारोबारियों को निशाना बना रहा है और कनाडा के कई प्रांतों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है।

पुलिस को मिले पत्र ने बढ़ाई चिंता
एडमंटन पुलिस के कॉन्स्टेबल केविन सेंट लुईस ने इमिग्रेशन बोर्ड को बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एबॉट्सफोर्ड पुलिस को एक पत्र भेजा था। इसमें दावा किया गया था कि गैंग के पास 1,000 से ज्यादा लोग हैं जो आदेश मिलते ही फायरिंग और वसूली कर सकते हैं। पत्र में यह भी कहा गया कि, 'हर बिजनेस को टैक्स देना होगा।' पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ धमकी नहीं बल्कि कनाडा में संगठित अपराध के बढ़ते नेटवर्क का संकेत है।
अमीर कारोबारियों को बना रहे निशाना
पुलिस के मुताबिक गैंग खासतौर पर दक्षिण एशियाई मूल के अमीर बिजनेस मालिकों को निशाना बना रहा है। पहले फोन या व्हाट्सऐप के जरिए पैसों की मांग की जाती है। अगर पैसे नहीं दिए जाते तो गोलीबारी या हमले कराए जाते हैं। कई मामलों में पहले फायरिंग होती है और बाद में धमकी देकर पैसे मांगे जाते हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क कनाडा के ओंटारियो, अल्बर्टा और ब्रिटिश कोलंबिया जैसे इलाकों में तेजी से फैल रहा है।
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गैंग के अंदर टूट और नए ग्रुप
जांच अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में पुलिस को लगा था कि सभी अपराध सीधे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आदेश पर हो रहे हैं। लेकिन बाद में पता चला कि गैंग के अंदर टूट हो गई है और अब कई छोटे ग्रुप उसी तरीके से अपराध कर रहे हैं। जांच में Goldy Brar और जोरा सिद्धू जैसे नाम भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार ये लोग व्हाट्सऐप कॉल और अंतरराष्ट्रीय नंबरों के जरिए ऑपरेशन चला रहे थे, जिससे इन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल हो रहा है।
छात्र वीजा और अस्थायी वर्करों का इस्तेमाल
पुलिस ने सुनवाई में कहा कि जांच में जिन लोगों की पहचान हुई है, उनमें ज्यादातर अस्थायी विदेशी वर्कर या स्टूडेंट वीजा पर कनाडा आए युवक हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें छोटे पैसों और गैंग से जुड़ने की पहचान देकर अपराध में शामिल किया जाता है। ये लोग हथियार, गाड़ियां और दूसरे संसाधन एक प्रांत से दूसरे प्रांत तक पहुंचाते हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि कई मामलों में चोरी की गाड़ियों और बीमा फ्रॉड का इस्तेमाल अपराध छिपाने के लिए किया गया।
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जांच जारी, लेकिन सीधा सबूत नहीं
इमिग्रेशन सुनवाई में पुलिस ने माना कि जशनदीप सिंह के खिलाफ सीधे तौर पर किसी शूटिंग या वसूली का सबूत नहीं मिला है। हालांकि सोशल मीडिया वीडियो और दूसरे संदिग्धों से उसके संबंध सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि उसके घर से जुड़े लोगों के पास हथियार मौजूद थे और वही हथियार कई घटनाओं में इस्तेमाल हुए। फिलहाल जांच जारी है और कनाडा की एजेंसियां इसे देशभर में फैले बड़े संगठित अपराध नेटवर्क के तौर पर देख रही हैं।












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