महज 3 दिन में CM पद से इस्तीफे के लिए मजबूर हुए फडणवीस बोले, 'हम महाराष्ट्र CM की कुर्सी नज़र गड़ाए नहीं बैठे हैं'
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बनाकर पूरी पार्टी के लिए फजीहत का कारण बन चुके पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा है कि वो महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन अथवा सरकार बनाने की ओर नज़र गड़ाए नहीं बैठे है। बता दें, नवंबर, 2019 में देवेंद्र फडणवीस को अजीत पवार के पलटने के बाद शपथ लेने के महज तीसरे दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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बकौल देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र में उद्ध ठाकरे नेतृत्व में चल रही महा विकास अघाड़ी सरकार एक दिन खुद-ब-खुद चरमराकर गिर जाएगी, उसके बाद बीजेपी महाराष्ट्र को वैकल्पिक सरकार देगी। जहां तक महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन का सवाल है, हम उसकी ओर नजर गड़ाए नहीं बैठे हैं। ये जो सरकार महाराष्ट्र में है, ये अपने बोझ से एक दिन चरमारएगी, क्योंकि ऐसी सरकारें चलती नहीं, जिस दिन चरमाराएगी, उस दिन हम वैकल्पिक सरकार देंगे।

गौरतलब है महाराष्ट्र में भाजपी और शिवसेना ने एनडीए के बैनर तले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों दलों में मतभेद ने दोनों के रास्ते अलग कर दिए। इसके बाद चली लंबे समय तक चली उठापटक के बाद शिवसेना ने चुनाव में तीसरे और चौथे नंबर पर आई पार्टी क्रमशः एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार का गठन किया था। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में गठित महा विकास अघाड़ी सरकार को अभी एक वर्ष अधिक हो चुके हैं, लेकिन कई बार पटरी से गिरती नजर आई है।

फिलहाल, महाराष्ट्र में विपक्ष में बैठी बीजेपी लगातार शिवसेना और उसकी धुर विरोधी विचारधारा वाली पार्टी कांग्रेस और एनसीपी के गिरने की आस में बैठी है। हालांकि ऐसे कई मौके आए जब महाराष्ट्र में सत्तासीन महा विकास अघाड़ी सरकार संकट में आ गई थी। भाजपा का मानना है कि यह सरकार अलग-अलग विचारधारा वाले लोगों के गठबंधन से हैं, जो ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाली है। कहने का मतलब है कि महाराष्ट्र रूपी पेड़ लगे फल के गिरने का इंतजार कर रही है और अब देखना यह है कि उसके हाथ फल लगेगा या लबादा।












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