Budget 2025: बजट में स्वास्थ्य बीमा के सस्ता होने को लेकर क्या हैं एक्सपर्ट की उम्मीदें?
Budget 2025 Health insurance and Healthcare services: इस बार के आम बजट से दवा उद्योग और हेल्थकेयर सेवाओं से जुड़े सेक्टर को भी काफी उम्मीदें लगी हुई हैं। इस सेक्टर को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और इस क्षेत्र में इनोवेशन और रिसर्च के लिए भी सरकार से ज्यादा आवंटन की आस लगी हुई हैं।
केयरएज रेटिंग्स (CareEdge Ratings) की रिपोर्ट के अनुसार हेल्थकेयर और दवा उद्योग इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार से बजट में रियायतों के साथ कुछ विशेष घोषणाओं की उम्मीद कर रहा है।

Budget 2025: स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट आवंटन में 2.5 से 3% बढ़ोतरी की मांग
रिपोर्ट में इस बात की जरूरत पर जोर दिया गया है कि इस बार के स्वास्थ्य बजट में पिछली बार के मुकाबले आवंटन में 2.5 से 3% की बढ़ोतरी की जरूरत है। इसमें खास कर के ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। साथ ही फार्मास्युटिकल सेक्टर में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर भी और ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है।
Budget 2025: बजट में स्वास्थ्य बीमा को किफायती बनाए जाने की एक्सपर्ट कर रहे हैं वकालत, आयकर भी कटौती बढ़ाने की मांग
लेकिन, रिपोर्ट में आम लोगों की तत्काल जरूरत से जुड़ी जो बात की गई है, वह स्वास्थ्य बीमा (Health insurance) और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare services) को किफायती बनाने को लेकर है। इसमें स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर लगने वाली मौजूदा 18% की जीएसटी (GST) को घटाने की सिफारिश की गई है। साथ ही साथ आयकर में इसके प्रीमियम पर 80डी(80D) के तहत होने वाली कटौती की सीमा भी बढ़ाने की मांग की गई है।
क्योंकि, अब स्वास्थ्य बीमा करने वाली कंपनियों का प्रीमियम कटौती की सीमा से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है, इसके चलते ज्यादातर आयकर दाताओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इसी कड़ी में मणिपालसिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर श्रीकांत कांडीकोंडा का कहना है कि आम आयकर दाताओं को 80डी(80D) के तहत स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर मिलने वाली कटौती की सीमा को मौजूदा 25,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 कर देना चाहिए। जबकि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसकी सीमा 1 लाख रुपए तक कर दी जानी चाहिए।
Budget 2025: स्वास्थ्य बजट में आम लोगों के लिए क्या हैं अन्य उम्मीदें?
सरकार का विजन है '2047 तक सबको बीमा'। यह तभी संभव है कि जब इसका प्रीमियम सबके पहुंच में हो और उसे उसी मुताबिक लाभ भी मिले।
जहां तक फार्मास्युटिकल कंपनियों में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) का सवाल है तो इसके लिए मौजूदा टैक्स दरों में रियायत का सुझाव दिया जा रहा है। इसके साथ ही घरेलू दवा कंपनियों और मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव(PLI) योजना के तहत आवंटन बढ़ाने की भी वकालत की जा रही है। इसके साथ ही लाइफ-सेविंग दवाओं पर आयात शुल्क घटाने की भी मांग हो रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल भी 1 फरवरी को लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करने वाली हैं।












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