ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सेना के शौर्य को सैल्यूट करने के लिए भाजपा ने निकाली 'तिरंगा यात्रा', उमड़ा जनसैलाब
BJP Tiranga Yatra: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की कामयाबी और सेना के शौर्य को सैल्यूट करने के लिए बुधवार 14 मई 2025 को भारतीय जनता पार्टी ने "शौर्य तिरंगा यात्रा" की शुरूआत की है। उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों की राजधानी में आयोजित की गई इस तिरंगा यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बच्चे, बूढ़े और जवान हाथों में तिरंगा फहराते हुए 'भारत माता की जय', वंदे मारतम के नारे लगाते हुए जब आगे बढ़े तो हर राहगीर रुककर तिरंगे को सैल्यूट करता नजर आया।
तिरंगा यात्रा की शुरूआत भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तरांखड हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, ओडिशा, गोवा समेत अन्य राज्यों की राजधानी से हुई। इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्री हाथ में तिरंगा फहराते हुए सड़कों पर निकले और इस तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया।

किन-किन राज्यों में भाजपा ने निकाली "तिरंगा यात्रा"
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सशस्त्र बलों की बहादुरी को शेल्यूट करने के लिए भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, ओडिशा समेत अन्य राज्यों में ये तिरंगा यात्रा निकाली गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यानाथ, हरियाणा की राजधानी पंचकुला में सीएम नवाब सिंह सैनी, दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सीएम पुष्कर धामी, गुजरात में सीएम भूपेंद्र पटेल, गोवा में सीएम प्रमोद सावंत और ओडिशा के भुवनेश्वर में सीएम मोहन चरण माझी ने तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। आज शुरू हुई इस तिरंगा यात्रा का आयोजन भाजपा द्वारा देश भर के अन्य राज्यों में भी किया जाएगा।

सीएम योगी बोले -"कोई भारत को छेड़ेगा तो उसे हम छोड़ेंगे नहीं"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएम आवास पर मुख्यमंत्री योगी ने हाथ में तिरंगा फहराते हुए तिरंगा यात्रा का प्रतिनिधित्व किया। तिरंगा यात्रा के अवसर पर जनता को संबाेधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान को ललकारते हुए कहा "आने वाले समय में यह तय है कि जो भी भारत की ओर उंगली उठाएगा और बहन-बेटियों की इज्जत के खिलाफ सुरक्षा तोड़ने का काम करेगा, उसके अंतिम संस्कार में रोने वाला कोई नहीं होगा। कोई भारत को छेड़ेगा तो उसे हम छोड़ेंगे नहीं।"{video1}
क्या होती है तिरंगा यात्रा?
'तिरंगा यात्रा' एक देशभक्ति से जुड़ी यात्रा है। जिसमें लोग भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर रैली या मार्च निकालते हैं। देश के प्रति प्रेम और गर्व की भावना को प्रकट करने के लिए ये तिरंगा यात्रा खास अवसरों पर निकाली जाती है। देशप्रेम, राष्ट्र एकता और सांस्कृतिक गौरव को प्रकट करने के उद्देश्य से ये तिरंगा यात्रा निकाली जाती है।

भाजपा ने क्यों निकाली है तिरंगा यात्रा?
22 अप्रैल 2025 को पललगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकियों और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारत की तीनों जल, थल और वायु सेना के पराक्रम को सैल्यूट करने के लिए भातरीय जनता पार्टी ने ये तिरंगा यात्रा देश भर में आयोजित कर रही है। जिसकी शुरूआत आज कई राज्यों की राजधानी से हो चुकी है। इस तिरंगा यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करना, भारतीय सेना की वीरता को सम्मानित करना, और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करना है। ऑपरेशन सिंदूर: देहरादून में निकाली गई तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा, CM धामी ने किया नेतृत्व, जानिए क्या कहा
'तिरंगा' भारत के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है।
आज @BJP4UP द्वारा लखनऊ में आयोजित 'भारत शौर्य तिरंगा यात्रा' कार्यक्रम में सहभाग किया।
अपने सैनिकों को सर्वोच्च सम्मान देने एवं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश में तिरंगा… pic.twitter.com/6tFo47h89D
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 14, 2025
तिरंगा यात्रा निकालते समय क्या सावधानी बरतनी है जरूरी?
तिरंगा हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज है इसलिए तिरंगा यात्रा निकालते समय खास सावधानियां बरती जाती हैं। हर हाल में तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण, गरिमामयी और संविधान सम्मत तरीके से ही संपन्न होनी चाहिए। आइए जानते हैं तिरंगा यात्रा निकालते समय क्या-क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए?
क्या-क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए?
- राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का किसी भी तरीके से अपमान ना हो। तिरंगा झंडा ज़मीन पर न छुए और ना ही गिरे और न ही उल्टा फहराया जाए। झंडे को किसी वाहन या वस्तु से इस तरह न बांधा जाए जिससे वह घसीटता दिखे।
- तिरंगा यात्रा के दौरान भाषणों और नारों में कोई आपत्तिजनक, भड़काऊ या विभाजनकारी बातें नहीं की जानी चाहिए। सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का सम्मान किया जाना जरूरी है।
क्या तिरंगा यात्रा के लिए सरकार से अनुमति लेनी है जरूरी?
इसका जवाब हां है, तिरंगा यात्रा निकालने से पहले जिला प्रशासन से पहले अनुमति लेना जरूरी है। ताकि तिरंगा यात्रा के दौरान होने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था का खास इंतजाम किया जा सके। OPERATION KELLER: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ऑपरेशन केलर क्या है, जिसमें सेना ने आतंकियों को चुन-चुनकर मारा












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