OPERATION KELLER: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ऑपरेशन केलर क्या है, जिसमें सेना ने आतंकियों को चुन-चुनकर मारा
Operation Keller Kya hai: आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना की निर्णायक कार्रवाई जारी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ऑपरेशन केलर लॉंच किया गया है, जिसमें भारतीय सेना आतंकियों को चुन-चुनकर मार रही है। ऑपरेशन केलर 13 मई 2025 को राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट को मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में शुरू किया गया।
ऑपरेशन केलर में मारे गए आतंकियों की डिटेल
1. लश्कर-ए-तैयबा/TRF से जुड़ा 18 वर्षीय अदनान शफी डार जैनापोरा शोपियां जम्मू-कश्मीर का रहने वाला था। उसने 18 नवंबर, 2024 को लश्कर ज्वाइन किया था।
2. लश्कर-ए-तैयबा को 30 सितंबर 2023 को ज्वाइन करने वाला
आमिर अहमद डार 27 साल का था। यह दरमपोरा, शोपियां जम्मू कश्मीर का रहने वाला था।
3. शाहिद अहमद कुट्टी की उम्र भी 27 साल थी। इसने 8 मार्च, 2023
को लश्कर-ए-तैयबा/TRF संगठन ज्वाइन की। कुट्टी मूलरूप से हीरपोरा, शोपियां
जम्मू कश्मीर का रहने वाला था।

ऑपरेशन केलर में तीन आतंकी ढेर
भारतीय सेना की ओर से सोशल मीडिया अकाउंट एक्स ADG PI - INDIAN ARMY पर जानकारी शेयर करते हुए बताया गया है कि ऑपरेशन केलर (Operation Keller) के तहत जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के शोएकाल केलर इलाके में बड़ी आतंकरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑपरेशन केलर के दौरान जब सेना के जवान सर्च एंड डिस्ट्रॉय मिशन पर आगे बढ़े, तभी आतंकियों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन कट्टर आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया गया।

Operation Sindoor vs Operation Keller
सेना के सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन केलर उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू किया गया है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सेना ने सीमा पार पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया था। अब इस कार्रवाई का विस्तार जम्मू-कश्मीर के भीतर आतंकी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में किया जा रहा है।
शोपियां के जंपाथरी इलाके में मंगलवार सुबह शुरू हुए इस अभियान में लश्कर के जिन तीन आतंकियों को घेरा गया था, वे पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े नहीं थे। सेना के मुताबिक, यह एक अलग आतंकी ग्रुप था, जिसे अलग से ट्रैक किया जा रहा था। उधर, पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए भी सुरक्षाबलों ने जगह-जगह अभियान तेज कर दिए हैं।

पहलगाम हमले में गई थी 26 लोगों की जान
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था, जबकि 14 लोग घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इसके बाद सेना ने आतंकियों के खिलाफ एक के बाद एक सटीक और आक्रामक ऑपरेशनों की रणनीति पर काम शुरू किया।
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आतंकियों पर बीस लाख का इनाम घोषित
अब ऑपरेशन केलर उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में छिपे हुए आतंकियों को चिन्हित कर चुन-चुनकर खत्म कर रही है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाश के लिए इलाके में जगह-जगह पोस्टर भी लगाए हैं और जानकारी देने वालों के लिए 20 लाख रुपये तक का इनाम भी घोषित किया गया है।
साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ऑपरेशन केलर भारतीय सेना का अगला बड़ा कदम है - एक ऐसा अभियान जो यह स्पष्ट संदेश देता है कि भारत की जमीन पर आतंक को बख्शा नहीं जाएगा।












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