कर्नाटक: गौ हत्या विरोधी बिल को सरकार की मंजूरी, अब भेजा जाएगा राज्यपाल के पास
बेंगलुरु। Anti cow slaughter bill कर्नाटक विधानसभा से पास होने के तीन हफ्ते के बाद गौ हत्या विरोधी बिल को सरकार की भी मंजूरी मिल गई है। सरकार में पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब इस बिल को राज्यपाल के पास भेजने की तैयारी है और वहां से भी मंजूरी मिल जाने के बाद ये कानून के रूप में राज्य में लागू हो जाएगा। आपको बता दें कि इस बिल को लेकर विपक्ष ने जबरदस्त विरोध और हंगामा किया है। कांग्रेस पार्टी और जेडीएस ने बिल का जबरदस्त विरोध किया है।

राज्यपाल की मंजूरी के बाद अपराध होगा गौ हत्या करना
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पशु वध संरक्षण और मवेशी संरक्षण विधेयक (2020) राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य में कानून का रूप ले लेगा, जिसके बाद गौ हत्या करना राज्य में कानूनी अपराध की श्रेणी में आएगा। राज्य के कानून मंत्री जेपी मधुस्वामी ने इस बिल के बारे में बताया है कि इस अध्यादेश के कानून बन जाने के बाद राज्य में गायों की अवैध बिक्री, तस्करी और उनका कत्ल रोका जाएगा। हालांकि अगर किसी गाय में ऐसी बीमारी पाई जाती है दूसरी गायों में फैल सकती है तो उस गाय को मारा जा सकता है।
क्या प्रावधान है इस बिल में
- इस विधेयक में राज्य के अंदर गौ हत्या पर पूरी तरह से प्रतिबंध का प्रावधान है। अध्यादेश के मुताबिक, गौ हत्या, उसकी तस्करी, गोवंश पर अत्याचार, गोवंश पर अवैध यात्रा पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इस बिल में 12 साल की उम्र तक की भैंस और अन्य जानवरों को भी मारे जाने से बचाएगा।
- साथ ही इस विधेयक में त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का भी प्रावधान है। जानवरों को रखने के लिए गोशाला और जानवरों के शेड बनाएं जाएंगे। पुलिस को जानवरों की स्थिति देखने का अतिरिक्त अधिकार दिया गया है।












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