अमित शाह को पहली बार मिलेगी NSG की सिक्योरिटी, जानिए कैसे बदल जाएगा उनका सुरक्षा घेरा
पणजी, 14 अक्टूबर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज गोवा के दौरे पर गए हैं। वहां वे धारबनडोरा में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखने पहुंचे हैं। इसी हफ्ते के अंत में उनका अंडमान और निकोबार द्वीप जाने का भी कार्यक्रम है। लेकिन, पणजी और पोर्ट ब्लेयर के दौरे के बीच में उनकी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में काफी बदलाव नजर आने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक पोर्ट ब्लेयर पहुंचने के साथ ही उन्हें हाई-प्रोफाइल नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के कमाडों की अतिरिक्त सुरक्षा घेरा भी मिल जाएगा। जानिए आने वाले दिनों में गृहमंत्री की सुरक्षा किस तरह से बदलने वाली है।

अमित शाह को पहली बार मिलेगी एनएसजी की सिक्योरिटी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की सुरक्षा मिलने जा रही है। वह इस हफ्ते के अंत में अंडमान और निकोबार द्वीप के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं, जहां एनएसजी के बेहद खास कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक चारों तरफ समुद्र से घिरे द्वीप को देखते हुए गृहमंत्री को इस तरह की फुल-प्रूफ सिक्योरिटी दिए जाने का फैसला किया गया है। इस समय अमित शाह की सुरक्षा सीआरपीएफ के जवानों के हाथों में होती है और अब एनएसजी के बेहद प्रशिक्षित कमांडो भी उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा कवर देने के लिए उनके साथ मौजूद रहेंगे। अंडमान और निकोबार द्वीप के दो दिवसीय दौरे पर शाह वहां कई ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करेंगे।
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क्या है एडवांस सिक्योरिटी लायजन ?
भारत में वीआईपी की सुरक्षा में 'जेड प्लस' सिक्योरिटी सबसे बेहतरीन मानी जाती है और आमौतर पर गृहमंत्री को एडवांस सिक्योरिटी लायजन (एएसएल) के साथ यही सुरुक्षा दी जाती है। 'जेड प्लस' सिक्योरिटी के तहत वीआईपी को करीब दो दर्जन सुरक्षा कमांडो चारों ओर से कवर करते हैं, इसके अलावा आवास पर अलग से सिक्योरिटी कवर दिया जाता है। 'जेड प्लस' प्रोटेक्टी को एक बूलेट-प्रूफ कार मिलती है और इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंधन के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की भी तैनाती की जाती है। एडवांस सिक्योरिटी लायजन (एएसएल) वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की एक खास व्यवस्था है, जिसके तहत प्रोटेक्टी की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की एक टीम उस स्थान पर 48 घंटे पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का मुआयना करती है और फिर उसके अनुसार आगे के फैसले लेती है।

उच्च स्तरीय बैठक में एनएसजी कवर देने का हुआ फैसला
न्यूज18 से एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा है कि, 'उच्च स्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्री को अतिरिक्त सुरक्षा कवर देने का फैसला किया गया है। यह पहली बार होगा जब उन्हें अपनी यात्राओं के दौरान इस तरह का कवर मिल रहा है।' उन्होंने कहा कि 'एक टीम पहले ही वहां पहुंच जाएगी। एनएसजी कमांडो की टीम विभिन्न कॉम्बैट ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित होती है और किसी भी स्थिति से आसानी से निपट सकती है। वे स्थानीय पुलिस सुरक्षा कवर के साथ मंत्री की मौजूदा सुरक्षा टीम के साथ समन्वय करेंगे।'

एनएसजी क्या है ?
अगर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के गठन की पूरी अवधारणा को देखें तो 'एनएसजी का गठन इसके सभी रूपों में आतंकवाद विरोधी गतिविधियों से निपटने के लिए विश्व स्तरीय और शून्य त्रुटि वाली फोर्स की परिकल्पना के तहत हुआ है। एनएसजी विशिष्ट परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष हथियारों से सुसज्जित और प्रशिक्षित बल है। इसलिए, आतंकवाद की गंभीर घटनाओं को विफल करने के लिए केवल असाधारण परिस्थितियों में ही इसका उपयोग किया जाता है।' लेकिन, गठन के बाद से इसका काफी ज्यादा उपयोग वीआईपी सुरक्षा में हुआ है, हालांकि मौजूदा सरकार ने इसमें काफी कटौती भी की है और कई वीआईपी की सुरक्षा से इस प्रतिष्ठित फोर्स को हटाया भी गया है।

जम्मू-कश्मीर भी जाने वाले हैं गृहमंत्री
गुरुवार को गोवा दौरे के अलावा गृहमंत्री अमित शाह आने वाले दिनों में उत्तराखंड और जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा पर भी जाने वाले हैं। सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर के उनके दौरे से पहले उनकी यात्रा पर संभावित खतरे का भी आकलन करने में जुटे हुए हैं। क्योंकि, शाह घाटी में कई जगहों पर जाएंगे और हालिया घटनाओं के मद्देनजर वहां उनकी सुरक्षा कैसी होनी चाहिए, इसकी समीक्षा भी की जा रही है।












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