AI इंजीनियर अतुल सुभाष मौत मामले में आज बेंगलुरु कोर्ट में होगी सुनवाई, क्या निकिता को मिलेगी जमानत?
AI engineer Atul Subhash: बेंगलुरु में आत्महत्या करने वाले एआई इंजीनियर अतुल सुभाष के मामले में अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा सिंघानियां और पत्नी के भाई अनुराग सिंघानिया की जमानत याचिका पर शनिवार को बेंगलुरु सिविल कोर्ट में सुनवाई होगी।
इससे पहले सोमवार को तीनों आरोपी कोर्ट में पेश हुए थे। उसे दौरान निकिता की वकील द्वारा जमानत दलील देते हुए कहा गया था कि अतुल का बेटा व्योम अभी छोटा है। ऐसे में उसकी देखभाल के लिए निकिता को जमानत दी जानी चाहिए। इस पर अतुल के वकील द्वारा विरोध किया गया था।

इसका विरोध करते हुए अतुल के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि निकिता के बच्चे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। अतुल के वकील ने यह भी कहा था कि आत्महत्या करने से पहले अतुल ने कहा था कि निकिता उनके बेटे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करती है।
ऐसे में निकिता और उसके परिजनों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। सोमवार को दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए 4 जनवरी यानी शनिवार की तारीख तय की थी। ऐसे में अब निकिता और अन्य की जमानत मामले पर शनिवार को सुनवाई होगी।
मुकदमा दर्ज होने के बाद घर छोड़कर हो गए थे फरार
दरअसल, इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद अतुल के भाई विकास ने निकिता सिंघानिया, निशा सिंघानिया, निकिता के भाई अनुराग सिंघानिया और निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए बेंगलुरु में मामला दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज करने के बाद जब बेंगलुरु पुलिस चारों को गिरफ्तार करने जौनपुर पहुंची तो चारों अपने घर से फरार हो चुके थे। इस बीच निकिता के परिवार ने प्रयागराज पहुंचकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की। लेकिन सुनवाई के पहले ही दिन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
निकिता को पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था जबकि निकिता की मां निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इस दौरान निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया को गिरफ्तार नहीं किया गया था। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
फिलहाल इस हाई प्रोफाइल मामले में आज निकिता और उसकी मां और भाई की जमानत याचिका पर बेंगलुरु सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी है। अब देखना यह है कि क्या निकिता और उसके परिवार को बेंगलुरु कोर्ट से जमानत मिलती है या फिर जमानत याचिका खारिज होती है।












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