'मुझे ऐसा लग रहा है, तुम मेरी की हुई गलती हो', बेटे के लिए क्यों अतुल सुभाष ने लिखा था ऐसा मैसेज?
Atul Subhash Case: बेंगलुरु में पत्नी और ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने और देश की न्याय व्यवस्था में खामी का आरोप लगाकर अपनी जान देने वाले एआई इंजीनियर अतुल सुभाष के मामले ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। अतुल सुभाष की कहानी ने पूरे देश को ज्यूडिशियल सिस्टम पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले डेढ़ घंटे के वीडियो का जारी किया था। साथ में 23 पेज का एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था।
23 पन्नों के इस सुसाइड लेटर में एक पेज अतुल सुभाष ने अपने चार साल के बेटे के लिए लिखा था। इस नोट में अतुल सुभाष ने अपने बेटे के लिए जहां खूब प्यार दिखाया था तो वहीं अपने बेटे को अपनी एक गलती भी कहा है। अतुल ने कहा है कि ,''बेटा मैं तुम्हारे लिए खुद को एक हजार बार कुर्बान भी कर सकता हूं...लेकिन कई बार मुझे लगता है कि तुम मेरी की हुई एक गलती हो।''

अतुल सुभाष ने अपने बेटे के लिए क्या-क्या लिखा? यहां पढ़ें पूरा नोट...?
अतुल सुभाष ने लिखा....
''बेटा, जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा तो सोचा कि मैं तुम्हारे लिए किसी भी दिन अपनी जान दे सकता हूं लेकिन दुख की बात ये है कि मैं अब तुम्हारी वजह से अपनी जान दे रहा है। मुझे तो अब तुम्हारा चेहरा तक याद नहीं है....जब तक मैं तुम्हारी वो फोटो ना देख लूं...जिसमें तुम एक साल के थे। मुझे अब तुमको सोचकर कभी-कभी दर्द के अलावा कुछ और महसूस नहीं होता है। अब बस तुम मेरे लिए एक टूल की तरह हो, जिसका इस्तेमाल करके मुझसे और ज्यादा उगाही की जाएगी।''
अतुल सुभाष ने आगे लिखा....
''इससे तुम्हे दुख होगा....लेकिन सच्चाई ये है कि अब मुझे ऐसा लह रहा है कि तुम मेरे द्वारा की गई एक गलती हो, यह दुखद है कि ये एक बेशर्म व्यवस्था एक बच्चे को अपने पिता पर बोझ और दायित्व बना सकती है। मैं अपने परिवार से अलग रह रहे ऐसे बहुत से पिता से मिला हूं...उसमें से ज्यादातर जब ईमानदारी से बात करते हैं तो उनकी भावनाएं भी ऐसी ही होती हैं। कुछ भावुक लोग अपने बच्चों के जीवन का हिस्सा बनने की बेतानी से कोशिश करते हुए रोज अंदर ही अंदर से मरते हैं। सिस्टम हर के साथ ऐसा ही करना चाहचा है। मैं ऐसा नहीं करने जा रहा हूं।''
अतुल सुभाष बोले- 'तुम्हारे जैसे 100 बेटे कुर्बान...'
बेटे के लिए अतुल सुभाष ने आगे लिखा,
''जब तक मैं जिंदा हूं...और पैसे कमाता हूं, वे मुझसे ज्यादा से ज्यादा पैसे ऐंठने के लिए तुम्हारे दादा-दादी, चाचा और मुझे परेशान करने के लिए एक टूट की तरह इस्तेमाल करते रहेंगे। लेकिन अब मैं उन्हें अपने पिता, मां और भाई को बेवजह परेशान करने नहीं दे सकता हूं। मैं अपने पिता के लिए तुम्हारे जैसे 100 बेटों को कुर्बान कर सकता हूं और तुम्हारे लिए मैं खुद एक हजार बार कुर्बान कर सकता हूं, लेकिन मैं अपने पिता की प्रताड़ित करने का कारण नहीं बन सकता हूं। मुझे शक है कि तुम कभी समझ पाओगे कि पिता क्या होता है, लेकिन मैं अच्छी तरह जानता हूं कि पिता क्या होता है।''
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