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AIIMS दिल्ली के बाद हैकर्स ने ICMR के सर्वर को बनाया निशाना, काउंसिल का दावा- वेबसाइट सुरक्षित

दिल्ली एम्स के 5 सर्वर हैक करने के बाद हैकर्स ने ICMR के भी सर्वर को हैक करने का प्रयास किया। हालांकि, हैकर्स को इसमें सफलता नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक हैकर्स की तरफ से 6000 बार हैक करने का प्रयास किया गया था।

cyber attack

हैकर्स के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि किसी भी बड़े संस्थान के सर्वर को हैक करने की कोशिश से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल में हैकर्स की तरफ से दिल्ली एम्स के 5 सर्वर को हैक किया गया था। मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। इसी बीच हैकर्स की तरफ से इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के सर्वर को भी हैक करने की कोशिश की गई।

जानकारी के मुताबिक हैकर्स की तरफ से 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सर्वर को हैक करने के लिए कम से कम 6,000 प्रयास किए गए। हालांकि, हैकर्स सर्वर को हैक करने में सफल नहीं हुए। हैकिंग के प्रयास पर एक विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की तरफ से तैयार की जा रही है।

हांगकांग से किया जा रहा था प्रयास
सूत्रों की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक आईसीएमआर की वेबसाइट पर हमला हांगकांग स्थित एक ब्लैक लिस्टेड आईपी एड्रेस के जरिए किया गया था। हालांकि, आईसीएमआर के सर्वर फ़ायरवॉल को हैकर्स हैक नहीं कर सकें और न ही मरीजों की कोई जानकारी चुरा पाए।

NIC को हमले की जानकारी ई-मेल से दी गई थी
विभाग के सूत्रों की मानें तो आईसीएमआर की वेबसाइट सुरक्षित है। साइट एनआईसी डेटा सेंटर में होस्ट की गई है। क्योंकि फ़ायरवॉल एनआईसी से है और इसे नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। सूत्रों ने विभाग के हवाले से दावा किया है कि एनआईसी को साइबर हमले के बारे में ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया था, जिसके बाद NIC अलर्ट हो गया और हमले को रोक दिया।

23 नवंबर को एम्स का सर्वर हुआ था हैक
23 नवंबर को हैकर्स की तरफ से नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का सर्वर हैक कर लिया गया था। जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं थीं। हालांकि, इसके बाद 2 दिसंबर को फिर हैकर्स ने एम्स के सर्वर पर हमला बोला और 5 सर्वर को हैक कर लिया। इस दौरान हैकर्स ने लगभग 5 लाख मरीजों का डाटा भी चुरा लिया। वहीं, इसके बाद हैकर्स ने 4 दिसंबर को सफदरजंग हॉस्पिटल के सर्वर पर भी हमला बोला था। हालांकि, यहां के सर्वर को हैकर्स ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकें। फिलहाल
एम्स दिल्ली के सर्वर पर साइबर हमले के बाद न्यू आरएके (राजकुमारी अमृत कौर) ओपीडी में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस दौरान लगभग लगभग 3000 नए रजिस्ट्रेशन हुए हैं। वहीं वार्ड और पैथ लैब के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी जल्द ही चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी।

3 दिसंबर को तमिलनाडु के हॉस्पिटल का भी हैक हुआ सर्वर
3 दिसंबर को CloudSEK, एक फर्म जो साइबर खतरों की भविष्यवाणी करती है, ने कहा कि उन्होंने पाया कि तमिलनाडु के श्री सरन मेडिकल सेंटर के 1.5 लाख मरीजों के व्यक्तिगत डेटा को हैकर्स द्वारा लोकप्रिय साइबर अपराध मंचों पर बेचा गया था और एक टेलीग्राम चैनल डेटाबेस बेचने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

ये भी पढ़ें- AIIMS के बाद दिल्‍ली सफदरजंग अस्पताल पर साइबार अटैक का खुलासा, पूरे एक दिन सर्वर था डाउन

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