MP News: दतिया अपहरण केस में बवाल, नाबालिग नहीं मिली, महिलाओं ने एसपी ऑफिस घेरा
MP News: मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र में एक नाबालिग आदिवासी लड़की के अपहरण मामले ने तूल पकड़ लिया है। 17 वर्षीय लड़की को 11 मार्च की शाम बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़िता परिवार की महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिछौंदना चौकी प्रभारी लगातार समझौता करने का दबाव बना रहा है। आरोप है कि आरोपी पक्ष से मिले-जुले होने के कारण जांच में लापरवाही बरती जा रही है।
गुरुवार (19 मार्च 2026) को पीड़िता की मां, बहनें और अन्य महिलाओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसपी कार्यालय का घेराव किया। महिलाओं ने नारेबाजी की, बैनर लगाए और न्याय की गुहार लगाई। प्रदर्शनकारियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि लड़की को जल्द बरामद किया जाए, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो।

घटना का पूरा विवरण
पीड़िता की मां के अनुसार, 11 मार्च की शाम उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को भांडेर के गद्दीपुर मोहल्ला निवासी कल्लू कुशवाहा ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अगले दिन 12 मार्च को भांडेर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन अब तक लड़की का कोई पता नहीं चला है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत से ही गंभीरता नहीं दिखाई।
17 मार्च को भी पीड़िता की मां को थाने बुलाया गया और राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया गया। मना करने पर अभद्र व्यवहार किया गया। महिलाओं ने कहा कि बिछौंदना चौकी प्रभारी आरोपी पक्ष से मिला हुआ है, जिससे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
एसपी कार्यालय पर घेराव और ज्ञापन
घेराव के दौरान महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की-"नाबालिग बेटी लौटाओ", "पुलिस मिली हुई है", "न्याय दो, न्याय दो"। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा ने कहा कि पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने एसपी से मांग की कि:
- नाबालिग लड़की को तत्काल बरामद कर सुरक्षित परिवार को सौंपा जाए।
- आरोपी कल्लू कुशवाहा के खिलाफ POCSO एक्ट और अपहरण की सख्त धाराओं में कार्रवाई हो।
- संबंधित चौकी प्रभारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और उचित कार्रवाई की जाए।
- परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
ज्ञापन में लिखा गया है कि परिवार अब तक भयभीत है और पुलिस की लापरवाही से न्याय की उम्मीद कम हो रही है।

पुलिस का पक्ष
एसपी दतिया ने कहा कि मामला दर्ज है और जांच चल रही है। लड़की की तलाश के लिए टीम गठित की गई है। आरोपों की जांच की जाएगी और किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही लड़की बरामद की जाएगी।
आदिवासी परिवार की पीड़ा
पीड़िता आदिवासी डेरा में रहने वाले परिवार से है। परिवार का कहना है कि लड़की नाबालिग है और POCSO एक्ट लागू होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। महिलाओं ने कहा कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन तेज करेंगी। यह मामला नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। दतिया जिले में अपहरण के मामले बढ़ रहे हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।












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