'तुम अपना पैसा उड़ाना चाहते हो तो...': कोरोना वैक्सीन के लिए 1865 करोड़ के दांव पर अदार पूनावाला के पिता
वैक्सीन के लिए अदार पूनावाला ने लगाया 1865 करोड़ का दांव
नई दिल्ली। देश-दुनिया में फैली कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए कई देशों को वैज्ञानिक वैक्सीन तैयार करने में लगे हुए हैं। इस बीच जिन वैक्सीनों का ट्रायल चल रहा है उसमें से कई टीके कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर साबित हुए हए हैं। इस बीच वैक्सीन के भारी मात्रा में उत्पादन के लिए दुनियाभर की नजरें भारत पर टिकी हुई हैं। देश की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक अदार पूनावाला की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पर दांव लगाने के लिए दुनियाभर के अमीर देश आग आए हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि सीरम इंस्टीट्यूट ने पहले ही एस्ट्राजेनेका के संभावित कोविड-19 वैक्सीन की 40 मिलियन खुराक बन चुकी है। जबिक कई अन्य का उत्पादन शुरू करने की तैयारी है।

अदार पूनावाला ने इंटरव्यू में किया ये दावा
बता दें कि भारतीय अरबपति अदार पूनावाला और उनके परिवार के मालिकाना हक वाली फर्म सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पूरी दुनिया में सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कंपनी है। हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में अदार पूनावाला ने कहा कि कोरोना वायरस वैक्सीन कोई एक कंपनी नहीं बना सकती। अगर कोई कहता है कि कब तक सभी लोगों में इम्युनिटी आ जाएगी तो वह सिर्फ बातें बना रहा है। पूनावाला ने दावा किया है कि साल 2024 तक भी हर किसी में अम्यूनिटी नहीं आ सकती।
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1865 करोड़ रुपए का दांव
इस बीच अदार पूनावाला ने खुलासा किया है कि उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए अपने परिवार के 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 1865 करोड़ रुपए दांव पर लगा दिए हैं। पूनावाला के मुताबिक कैपेसिटी बढ़ने से 2021 तक कोरोना वाक्सीन के 1 अरब डोज बनाई जा सकेगी। इतना बड़ी राशि दांव पर लागने के बाद अदार पूनावाला ने अपने पिता की पहली प्रतिक्रिया के बार में बताया है।

पिता ने कहा, यह बहुत बड़ा जुआ होगा
अदार पूनावाला ने बताया कि उनके पिता साइरस एस पूनावाला, जिन्हें भारत के वैक्सीन किंग के रूप में जाना जाता है। वह वैक्सीन उत्पादन के लिए इतना बड़ा दांव लगाने के सख्त खिलाफ थे। उनके पिता ने संदेह जताया कि इतना पैसा लगाना बहुत बड़ा जुआ होगा। अदार के पिता ने कहा, 'देखो, यह तुम्हारा पैसा है। यदि आप इसे उड़ाना चाहते हैं, तो ठीक है।' बता दें कि कोरोना वैक्सीन के बड़े ऑर्डर के लिए धनी देशों जैसे अमेरिका, यूके, जापान और कनाडा ने पहले ही बड़ी डील कर ली है। यह देश जल्द से जल्द अपने नागरिकों को कोरोना मुक्त करना चाहते हैं।

भारत में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन आने में होगी देरी
बता दें कि ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का नाम कोविशिल्ड रखा गया है। भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के पास इसके ट्रायल और उत्पादन की जिम्मेदारी है। SII के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक कोरोना वैक्सीन की डिलीवरी में थोड़ी देरी हो सकती है, क्योंकि ब्रिटेन की कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कई देशों के साथ करीब 3 मिलियन डोज को लेकर समझौता किया है। उन्होंने कहा कि ये देरी ज्यादा दिनों की नहीं है, अगर भारत की संबंधित अथॉरिटी ने समय से मंजूरी दे दी तो जनवरी 2021 तक कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद है।
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