भगवान वेंकटेश्वर की नगरी तिरुपति में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों तीर्थयात्री फंसे
गुरुवार को भगवान वेंकटेश्वर की नगरी तिरुमाला में जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण तिरुपति में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। सड़कों पर पानी भर गया जिसमें सैकड़ों तीर्थयात्री फंसे हुए नजर आए।
हैदराबाद, 19 नवंबर। गुरुवार को भगवान वेंकटेश्वर की नगरी तिरुमाला में जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण तिरुपति में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। सड़कों पर पानी भर गया जिसमें सैकड़ों तीर्थयात्री फंसे हुए नजर आए। बंगाल की खाड़ी में दवाब के बाद बनी मौसमी परिस्थियों में आंध्र प्रदेश के चित्तूर और आसपास के जिलों में गुरुवार को जमकर बारिश हुई। तिरुमाला पहाड़ियों पर मुख्य मंदिर से सटी चार 'माडा गलियां' पूरी तरह जलमग्न हो गईं। भारी बारिश के कारण तीर्थयात्री बाहर नहीं निकल सके और भगवान वैंकटेश्वर के दर्शन भी संभव नहीं हो पाए।

तीर्थयात्रियों के लिए राहत व बचाव कार्य जारी
वहीं, सड़कों पर जो तीर्थयात्री फंसे हुए दिखाई दिये उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। भारी बारिश के कारण तिरुमाला पर स्थित जपली अंजनेय स्वामी मंदिर जलमग्न हो गया और भगवान की मूर्ति भी जलमग्न हो गई। इसके बाद तिरुमाला तिरुपति देवास्थनम (टीटीडी) के अधिकारियों ने पहाड़ियों पर फंसे तीर्थयात्रियों के लिए मुफ्त भोजन व आवास की व्यवस्था की। टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी केएस जवाहर रेड्डी ने स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को कार्यालय के कर्मचारियों के लिए छुट्टी की घोषणा की। सूत्रों ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन के बाद तिरुमाला पहाड़ियों की ओर जाने वाले दो घाट मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिए गये। वहीं अलीपीरी से मंदिर की ओर जाने वाले पैदल मार्ग को भी बंद कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु: वेल्लोर में लगातार बारिश के कारण घर ढहा, अंदर सो रहे 9 लोगों की मौत
भारी बारिश के कारण उड़ाने प्रभावित
रेनीगुंटा में तिरुपति अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा भी पानी में डूब गया, जिससे अधिकारियों को आने वाले विमानों की लैंडिंग रोकनी पड़ी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भूस्खलन से नारायणगिरी गेस्ट हाउस परिसर में तीन कमरे क्षतिग्रस्त हो गए लेकिन किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है क्योंकि कमरे खाली थे। नारायणगिरी और पास के एसवी गेस्ट हाउस में अन्य कमरों में रहने वाले तीर्थयात्रियों को अन्य आवास में स्थानांतरित कर दिया गया।
सीएम रेड्डी ने लिया हालात का जायजा
वहीं, मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चित्तूर के जिला कलेक्टर एम हरि नारायणन से बात की और स्थिति की समीक्षा की। सीएमओ की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीएम ने कलेक्टर से जल स्तर की बारीकी से निगरानी करने और उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाने को कहा। सीएम ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को तैनात कर बचाव व राहत कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।












Click it and Unblock the Notifications