Kangana Ranaut News: कानूनी पचड़े में फंसने वाली हैं कंगना रनौत? हिमाचल प्रदेश के मंत्री ने बताई बड़ी वजह
Kangana Ranaut Controversy: बॉलीवुड से राजनीति तक का सफर तय करने वाली अभिनेत्री और मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत इन दिनों विवादों में घिरी हुई हैं। उनके बयानों ने जहां पहले उन्हें सुर्खियों में रखा, वहीं अब यूटर्न और तीखे बयान उनके लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं।
हाल ही में, हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कंगना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और उन्हें आड़े हाथों लिया है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "कंगना रनौत हर मुद्दे पर बयान देती हैं, लेकिन वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के मुद्दों पर चुप रहती हैं। हिमाचल प्रदेश में इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा आई, कई लोगों की जान चली गई, सड़कें और बुनियादी ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कंगना ने अब तक यह नहीं बताया कि उन्होंने भाजपा, केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के लिए क्या मदद मांगी है।"
कंगना पर करेंगे मानहानि का मुकदमा
सिंह ने कंगना पर यह भी आरोप लगाया कि वह केवल मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने और राहुल गांधी पर बेतुके बयान देने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा, "अगर कंगना ने सोनिया गांधी के बारे में दिए गए अपने बयान के लिए एक हफ्ते में माफी नहीं मांगी, तो हम उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे। यह गैर जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण बयान है।"
कंगना रनौत का सोनिया गांधी पर बयान
विक्रमादित्य सिंह का यह बयान कंगना के एक बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर हमला बोला था। शिमला के एक गांव में बीजेपी के सदस्यता अभियान के दौरान, कंगना ने कहा था कि राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया था कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार आपदा के नाम पर लिया गया ऋण सोनिया गांधी को भेज देती है, जिससे राज्य का खजाना खाली हो गया है।
कंगना ने कहा, "अगर केंद्र सरकार आपदा राहत के लिए धन भेजती है, तो वह सीएम राहत कोष में जाता है, लेकिन सभी जानते हैं कि वह वहां से सोनिया राहत कोष में चला जाता है।"
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विक्रमादित्य सिंह के बारे में जानें
विक्रमादित्य सिंह, मौजूदा हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार में मंत्री हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे हैं और उनकी मां प्रतिभा सिंह मंडी लोकसभा सीट से सांसद हैं। विक्रमादित्य सिंह का जन्म 17 अक्टूबर 1989 को हुआ और उनकी प्रारंभिक शिक्षा बिशप कॉटन स्कूल, शिमला में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक और स्नातकोत्तर किया।
पर्वतारोहण, साइकिलिंग और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले विक्रमादित्य 2013 से 2018 तक हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। 2022 में शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद, उन्हें सुक्खू कैबिनेट में मंत्री बनाया गया।
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कंगना के लिए सियासी चुनौतियां
कंगना रनौत के लिए यह सियासी सफर जितना तेजी से शुरू हुआ था, उतनी ही मुश्किलों भरी राहें अब सामने आ रही हैं। उनके बयानों ने उन्हें चर्चा में बनाए रखा, लेकिन विवादों ने भी उनकी राजनीति को मुश्किल बना दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रमादित्य सिंह के इस ताज़ा हमले ने यह संकेत दिया है कि कंगना को आने वाले दिनों में और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।












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