'देश अब BJP की किसान विरोधी मानसिकता को जान गया है', कृषि कानूनों पर कंगना की टिप्पणी पर खड़गे का तंज
Mallikarjun Kharge Target Kangana Ranaut News Hindi: बॉलीवुड से राजनीति का सफर तय करने वाली एक्ट्रेस व मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अपने बयानों से सियासी पारा एक बार फिर चढ़ा दिया है। कंगना के 'कृषि कानून की वापसी की मांग' ने एक तरफ भाजपा के लिए 5 अक्तूबर 2024 को होने वाले हरियाणा चुनावी दंगल में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं, विपक्ष इसे पूरी तरह से भुनाने में लगा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कंगना के बयान को आधार बनाकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कहा कि देश अब BJP की किसान विरोधी मानसिकता को जान गया है। आगे यह भी दावा किया कि चुनावी राज्य, विशेष रूप से हरियाणा, कंगना की इस तरह की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देंगे।

आपको बता दें कि तीन कृषि कानून वही है, जिसे 2021 में भारी विरोध के बाद वापस लिया गया था। हालांकि, भाजपा के बयान से किनारा करने के बाद, कंगना ने यूटर्न लिया है। कहा कि इसका पार्टी के रुख से कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस ने कंगना की आड़ में भाजपा को घेरा
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कंगना का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कह रही थीं कि किसानों की समृद्धि के लिए कृषि कानूनों को बहाल करना चाहिए। इस बयान के बाद खड़गे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन कानूनों के विरोध में 750 से ज्यादा किसानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा।
खड़गे ने कहा कि चुनावी राज्य, विशेष रूप से हरियाणा, कंगना की इस तरह की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने भाजपा और मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया। उदाहरण के तौर पर 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी का मुद्दा अभी भी लंबित है।
भाजपा पर खड़गे के गंभीर आरोप
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर किसानों के हितों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी घोषणाओं का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए जो समिति बनाई गई थी, वह अभी तक निष्क्रिय पड़ी है। खड़गे ने भाजपा पर किसानों के योगदान को न मानने और उनका अपमान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि वह कृषि कानूनों को फिर से लागू करने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करेगी।
कांग्रेस प्रवक्ताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेट ने कंगना के बयान पर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि भाजपा इन विवादित कानूनों को फिर से लागू करने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के लोग आगामी चुनावों में इस तरह के प्रयासों का कड़ा विरोध करेंगे।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने भी कंगना के वीडियो को साझा करते हुए भाजपा पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों के हितों की रक्षा करने का दिखावा करती है, जबकि उनके खिलाफ ही काम करती है।
2020 में लागू किए गए तीन कृषि कानून -
- किसान उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन और सुविधा अधिनियम,
- किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम,
- आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम - काफी विवाद का विषय बने थे।
नवंबर 2021 में इन कानूनों को निरस्त कर दिया गया था, लेकिन इससे पहले, देशभर में किसानों ने सालभर तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे।












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