समुद्र में अमेरिकी हमले का शिकार हुआ बेटा, पिता ने कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप, कैसे हुई Aditya Sharma की मौत?
Indian Killed in Hormuz: ओमान के तट के पास हुए एमटी सेट्टेबेल्लो (MT Settebello) जहाज हादसे के बाद एक नया और गंभीर विवाद सामने आया है। लापता भारतीय नाविक आदित्य शर्मा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जहाज पर सीनियर अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेल्लो को कथित तौर पर अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया था। अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था। इसी कार्रवाई के दौरान जहाज पर हमला हुआ और कई भारतीय नाविक प्रभावित हुए।
सोशल मीडिया पर पिता की भावुक अपील
आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अपने बेटे को खोजने की अपील की। उन्होंने अपने पोस्ट में विदेश मंत्रालय को टैग करते हुए लिखा-
"जहाज सेट्टेबेल्लो। मैं लापता हुए तीन चालक दल के सदस्यों में से एक का पिता हूं। आदित्य शर्मा मेरा बेटा है। कृपया उसे खोजने में मदद करें।"उनकी यह पोस्ट उस समय सामने आई जब तीन भारतीय नाविकों को अभी भी लापता माना जा रहा था।

पिता ने लगाया शोषण का गंभीर आरोप
राजेश शर्मा ने दावा किया कि उनके बेटे ने पहले ही जहाज पर अपने साथ हो रहे शोषण की जानकारी परिवार को दी थी। उन्होंने कहा कि आदित्य अप्रैल महीने में नौकरी छोड़ना चाहता था क्योंकि उसे जहाज पर प्रताड़ित किया जा रहा था। राजेश शर्मा ने लिखा-
"मेरे बेटे ने जहाज पर सीनियर द्वारा शोषण की सूचना दी थी और वह अप्रैल में नौकरी छोड़ना चाहता था। हमारे पास सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं।"उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आदित्य ने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया।
शिकायत वापस लेने के लिए बनाया गया दबाव?
राजेश शर्मा के मुताबिक जहाज के वरिष्ठ कर्मचारियों ने आदित्य को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उनके बेटे को बेहद खराब हालत में रखा गया और उससे रोजाना लगभग 20 घंटे काम कराया जाता था। पिता का दावा है कि शिकायत के बाद आदित्य की स्थिति और खराब हो गई थी और उसे मानसिक एवं शारीरिक दबाव झेलना पड़ रहा था।
व्हाट्सएप मैसेज में सामने आई घटना की जानकारी
एक अन्य पोस्ट में राजेश शर्मा ने शिपिंग कंपनी की ओर से भेजे गए एक कथित व्हाट्सएप संदेश का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इस मैसेज में लिखा था-
"आपको सूचित करते हुए खेद है कि हमारा एक जहाज एमटी सेट्टेबेल्लो अमेरिकी नौसेना द्वारा मिसाइल हमले का शिकार हुआ है। चालक दल के तीन सदस्य लापता हैं- सुरेश पटनाला, आदित्य कैडेट और फिटर शिवानंद चौरसिया।"इस मैसेज के बाद पूरे परिवार में चिंता और बढ़ गई थी।
हमले के बाद क्या कहा था विदेश मंत्रालय ने?
हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी किया था। मंत्रालय ने बताया था कि जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। इनमें से 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन भारतीय नाविक लापता बताए गए थे।
विदेश मंत्रालय ने हमले पर क्या कहा?
अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा-
"हम ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेट्टेबेल्लो पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 भारतीयों को अभी तक बचा लिया गया है और 03 भारतीय लापता बताए जा रहे हैं।"मंत्रालय ने यह भी बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है। इसके अलावा शिपिंग मिनिस्टर सर्बानंद सोनोवाल ने कहा-
"दुखद बात यह है कि तीन भारतीय नाविक, जिन्हें पहले लापता बताया गया था, अब मृत पाए गए हैं क्योंकि उनके शवों का पता लगा लिया गया है और पहचान कर ली गई है।"इस घोषणा के बाद परिवारों की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं।
कई सवाल अभी भी बाकी
हालांकि सरकार ने तीनों नाविकों की मौत की पुष्टि कर दी है, लेकिन आदित्य शर्मा के पिता द्वारा लगाए गए शोषण और प्रताड़ना के आरोपों ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या जहाज पर काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया था? और क्या समय रहते कार्रवाई होती तो स्थिति कुछ अलग हो सकती थी? फिलहाल परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
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