ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाली Koel Mallick की क्या है जाति? हिंदू नहीं हैं पति? किस समुदाय में कर ली शादी?
Koel Mallick Caste: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल जारी है। वहीं कुछ दिनों से ये अफवाह थी कि कोयल मल्लिक राज्यसभा से इस्तीफा दे सकती हैं। आखिरकार ये अटकलें सच हो गईं जब बांग्ला फिल्मों की फेमस एक्ट्रेस ने आज 12 जून 2026 (गुरुवार) को इस्तीफा दे दिया। जानकारी के अनुसार सुखेंदुशेखर रॉय, सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बराइक ने एक-एक करके राज्यसभा चेयरमैन को अपने इस्तीफे भेजे हैं। अब एक्ट्रेस कोयल मल्लिक ने राज्यसभा MP पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में ये कहने की जरूरत नहीं है कि तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा में लगभग खत्म होने की कगार पर है।
कोयल मल्लिक ने राज्यसभा MP पद से दिया इस्तीफा
कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही राज्यसभा में तृणमूल के सांसदों की संख्या 13 से घटकर 9 हो गई है। सुनने में आ रहा है कि इस हफ्ते कुछ और सांसद इस्तीफा दे सकते हैं। राज्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद से तृणमूल तेजी से बिखरने लगी है।

तृणमूल सांसदों ने मचाया ऐसा हंगामा
रीताब्रत बनर्जी की लीडरशिप वाली तृणमूल पार्लियामेंट्री पार्टी ने पहले ही ममता-अभिषेक से दूरी बना ली है। उस ग्रुप में एमएलए की संख्या अब 64 बताई जा रही है। इसी तरह लोकसभा में भी एक नई तृणमूल बनी है। संसद के निचले सदन में काकोली घोष दस्तीदार की लीडरशिप में लगभग 20 तृणमूल सांसदों ने NDA में शामिल होने के लिए पत्र लिखा है। वहीं इसी बीच खबर है कि कोयल मल्लिक ने राज्यसभा MP पद से इस्तीफा दे दिया है।
कोयल मल्लिक कौन हैं?
-कोयल मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री (टॉलीवुड) की फेमस अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनका असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है लेकिन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में वह कोयल मल्लिक के नाम से मशहूर हैं। उनका जन्म 28 अप्रैल 1982 को कोलकाता में हुआ था। वह दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं।
-कोयल ने कोलकाता के मॉडर्न हाई स्कूल फॉर गर्ल्स से स्कूली शिक्षा हासिल की है। इसके बाद उन्होंने गोखले मेमोरियल गर्ल्स कॉलेज से मनोविज्ञान (Psychology) में बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। अभिनय में आने से पहले उन्होंने मॉडलिंग भी की थी।
कोयल मल्लिक का चमचमाता फिल्मी करियर
कोयल मल्लिक ने साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म नाटेर गुरु (Nater Guru) से अभिनय की शुरुआत की थी। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी और इसके बाद वह बंगाली सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। उन्होंने शुभोदृष्टि, मोन माने ना, पागलु, 100% लव, रंगबाज और मितिन मासी जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है।
टॉलीवुड में लगातार सफल फिल्मों के कारण कोयल मल्लिक को 'टॉलीवुड क्वीन' भी कहा जाता है। उन्हें फिल्मफेयर बंगला अवॉर्ड समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। साल 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें महानायक सम्मान से भी सम्मानित किया था।
अप्रैल 2026 में बनी थीं राज्यसभा सांसद
फिल्मी दुनिया में दो दशक से अधिक समय बिताने के बाद कोयल मल्लिक ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा था। फरवरी 2026 में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद वह अप्रैल 2026 में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद बनीं और संसद में शपथ ली लेकिन अब उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है।
कोयल मल्लिक की लव मैरिज
कोयल मल्लिक ने फरवरी 2013 में फिल्म निर्माता निस्पाल सिंह (Nispal Singh) से शादी की थी। दोनों शादी से पहले लगभग 7 साल तक रिलेशनशिप में रहे थे। उनके दो बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं। कोयल अपनी निजी जिंदगी को हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रखने के लिए जानी जाती हैं।
क्या है कोयल मल्लिक की जाति-धर्म?
बंगाली फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) कायस्थ जाति से ताल्लुक रखती हैं। वह एक प्रतिष्ठित बंगाली फिल्मी परिवार से आती हैं। उनके पिता रंजीत मल्लिक भी एक जाने-माने एक्टर हैं। उनकी मां दीपा मल्लिक हाउसवाइफ हैं। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में, मल्लिक उपनाम हिंदू (कायस्थ, वैद्य, तेली) और मुस्लिम दोनों समुदायों में पाया जाता है। । 'मल्लिक' मूल रूप से एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ राजा, मालिक या शासक होता है। ऐसे में कोयल मल्लिक हिंदू धर्म मानती हैं।
कोयल मल्लिक के पति निस्पाल सिंह की क्या है जाति?
-कोयल मल्लिक के पति फिल्म निर्माता निस्पाल सिंह (जिन्हें 'राणे' भी कहा जाता है) पंजाबी (सिख) परिवार से आते हैं। वह जाने-माने फिल्म निर्माता सुरेंद्र सिंह के बेटे हैं और उनके परिवार का ताल्लुक मूल रूप से पंजाब से है। हालांकि उनका पूरा परिवार लंबे समय से कोलकाता में बसा हुआ है।
-'सिंह' कोई अलग जाति नहीं बल्कि सिख धर्म में पुरुषों के नाम के आगे जोड़े जाने वाला एक उपनाम या उपाधि है, जिसका अर्थ 'शेर' होता है। ऐतिहासिक रूप से जाति व्यवस्था को मिटाने और सभी को समान दर्जा देने के लिए ये परंपरा शुरू की गई थी। 1699 में दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना के दौरान पुरुषों को 'सिंह' और महिलाओं को 'कौर' (राजकुमारी) नाम जोड़ने का निर्देश दिया था।
कोयल मल्लिक का सोशल वर्क और सार्वजनिक छवि
कोयल मल्लिक सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यों में भी एक्टिव रही हैं। वह विशेष रूप से महिलाओं, विधवाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़े अभियानों में भाग लेती रही हैं। उनकी छवि बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की सबसे कम विवादित और सम्मानित एक्ट्रेसेस में से एक मानी जाती है।













Click it and Unblock the Notifications