Shatrughan Sinha:'खामोश, हां मैं बागी हूं',ममता दीदी का साथ छोड़ने पर क्या बोले 'बिहारी बाबू'? सामने आया Video
Shatrughan Sinha: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कथित टूट और बागी सांसदों की सूची को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने फिलहाल अपनी चुप्पी तोड़ दी है। PTI से बात करते हुए बॉलीवुड के सुपर स्टार रह चुके शत्रुघ्न सिन्हा ने जमकर बागियों की क्लास लगाई और कहा कि 'सबसे पहले, मैं आसनसोल और पश्चिम बंगाल के लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इतना प्यार, सम्मान और समर्थन दिया और बार-बार मेरी जीत पक्की की। मैं पहली बार दीदी (ममता बनर्जी) के बुलावे और उनके कहने पर आसनसोल आया था।'
'वहां अपने पहले ही चुनाव में, मैंने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी, यह उस समय देश का पहला उपचुनाव था। बाद में, मैं दूसरी बार भी बड़े अंतर से जीता इसलिए मैं खास तौर पर ममता जी, तृणमूल कांग्रेस और सबसे बढ़कर आसनसोल और पश्चिम बंगाल के लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं।'

'मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मैंने बंगाल में हमेशा सभी के लिए काम किया है, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों या उन्होंने मुझे वोट दिया हो या नहीं। मैं अपनी जिम्मेदारियों को समझता हूं और उन्हें पूरा करता रहूंगा।'
मेरे मुश्किल वक्त में ममता दीदी ने दिया मेरा साथ: शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ' जब 2019 में पटना का चुनाव हारने के बाद मैं मुश्किल दौर से गुज़र रहा था तो बहुत कम लोग मेरे साथ खड़े थे। ममता बनर्जी उन कुछ लोगों में से थीं जिन्होंने मेरा साथ दिया और मेरा हौसला बढ़ाया। उनका मानना था कि मुझे अपनी संसदीय यात्रा में बिना किसी रुकावट के सार्वजनिक जीवन में बने रहना चाहिए और उन्हीं के कहने पर मैंने आसनसोल से चुनाव लड़ा। भगवान की कृपा और ममता जी और आसनसोल की जनता के समर्थन से मुझे जीत मिली।'
'अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं भी बागी हूं'
' पिछले कुछ दिनों से मेरे बारे में बहुत अटकलें लगाई जा रही हैं, कुछ लोग सच बोल रहे हैं, तो कुछ अफ़वाहें फैला रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया है कि मैं तथाकथित बागी गुट में शामिल हो गया हूं, हां स्वभाव से मैं हमेशा से बेबाक रहा हूं। मैं अक्सर कहता हूं कि अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं भी बागी हूं। मैंने हमेशा साफ़-साफ़ बात की है और सच को सच कहा है लेकिन मैं साफ़ तौर पर कहना चाहता हूं कि मुश्किल समय में ममता जी मेरे साथ खड़ी थीं, और आज, उनके मुश्किल दौर में, मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता।'

ममता बनर्जी के साथ खड़ा होना मेरा फर्ज है: शत्रुघ्न सिन्हा
'भगवान के आशीर्वाद से मैं तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न - 'जोड़ा फूल' - पर एक बार नहीं, बल्कि दो बार चुना गया हूं इसलिए, ममता जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ा होना मेरा फ़र्ज़ और ज़िम्मेदारी है, मेरा सिद्धांत बहुत स्पष्ट है, जब मुश्किल समय में ममता जी मेरे साथ खड़ी थीं, तो अब इस घड़ी में उनके साथ खड़ा होना मेरा फ़र्ज़ है।'
TMC की बगावत के अब तक के 10 बड़े अपडेट
- पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों के बागी गुट के साथ होने का दावा किया जा रहा है।
- यह संख्या दो-तिहाई के आंकड़े के करीब मानी जा रही है, जिससे अलग संसदीय समूह बनाने का रास्ता खुल सकता है।
- बागी सांसदों ने कथित तौर पर अलग समूह का गठन किया है और उसकी नेता के रूप में काकोली घोष दस्तीदार का नाम सामने आया है।
- बागी सांसदों ने अलग संसदीय समूह को मान्यता देने के लिए लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजा है।
- बागी नेतओं की लिस्ट में नाम सामने आने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे और टीएमसी में ही बने रहेंगे।
- यूसुफ पठान और सायोनी घोष समेत कई प्रमुख सांसदों के नाम बागी सूची में बताए जा रहे हैं।
- संकट को संभालने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली पहुंचीं और सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात की।
- टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों को गद्दार बताया है।
- हालांकि वो भी अभिषेक बनर्जी से काफी नाराज चल रहे हैं।
- समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बागी टीएमसी सांसदों को भाजपा में शामिल करने की कोई योजना नहीं है।

एक नजर शत्रुघ्न सिन्हा के अभी तक के सफर पर.......
- पूरा नाम: शत्रुघ्न प्रसाद सिन्हा
- जन्म: 15 जुलाई 1946, Patna
- पत्नी: Poonam Sinha
- बच्चे: Sonakshi Sinha, Luv Sinha और कुष सिन्हा
- शिक्षा: Film and Television Institute of India (FTII), पुणे से अभिनय की पढ़ाई।
- फिल्मी करियर: शत्रुघ्न सिन्हा ने 1970 के दशक में फिल्मों में कदम रखा। शुरुआत में उन्होंने खलनायक की भूमिकाएं निभाईं, लेकिन बाद में वे हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय नायकों में शामिल हो गए। उनकी चर्चित फिल्मों में कालीचरण, विश्वनाथ, दोस्ताना, क्रांति, नसीब, काला पत्थर और खून भरी मांग शामिल हैं
राजनीतिक सफर:
- 1980 के दशक में Bharatiya Janata Party से राजनीति में प्रवेश।
- बिहार से राज्यसभा सांसद रहे।
- Atal Bihari Vajpayee सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और पोत परिवहन मंत्री रहे।
- 2019 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए।
- बाद में All India Trinamool Congress में शामिल हुए।
- वर्तमान में पश्चिम बंगाल की Asansol लोकसभा सीट से सांसद हैं।














Click it and Unblock the Notifications