Indian Vessel Attack: एक और भारतीय जहाज में लगी आग, MT Jalveer से आया इमरजेंसी कॉल, किसने किया हमला?- Video
MT Jalveer Vessel Attack: ओमान के तट पर भारतीय चालक दल वाले जहाजों से जुड़ी घटनाएं लगातार चर्चा में हैं। इसी बीच अब एक और जहाज, MT जलवीर (MT Jalveer Vessel), को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के शिनास (Shinas) बंदरगाह के पास मौजूद इस भारतीय जहाज से एक आपातकालीन SOS कॉल सामने आई है। इस कॉल में जहाज के एक चालक दल के मेंबर ने जानकारी दी कि जहाज के इंजन रूम में भीषण आग लग गई है।

SOS कॉल में क्या कहा गया?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस SOS कॉल में चालक दल का एक सदस्य शिनास पोर्ट कंट्रोल से संपर्क करता हुआ सुनाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक उसने कहा-
"सर, कृपया निर्देशांक सुनें। शिनास पोर्ट कंट्रोल, यह जलवीर की ओर से संदेश है कि सभी चालक दल सुरक्षित हैं। हमारे इंजन रूम में भीषण आग लग गई है।"इस मैसेज से साफ था कि जहाज पर आग गंभीर थी, लेकिन उस समय तक क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए जा रहे थे।
भारतीय दूतावास ने भी दी जानकारी
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया जब ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस घटना की पुष्टि की। भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा-
"हमें आज ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज से जुड़ी घटना के बारे में जानकारी मिली है। हम स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और अधिक विवरण के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।"दूतावास ने यह भी संकेत दिया कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जहाज की पहचान कैसे हुई?
फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस जहाज की पहचान MT Jalveer के रूप में की है। यूनियन ने जहाज के कुछ वीडियो भी साझा किए, जिनमें जहाज से धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा था।
हालांकि अभी तक जहाज के मालिकों या संबंधित समुद्री अधिकारियों की ओर से डिटेल में जानकारी जारी नहीं की गई है।
जहाज पर कितने लोग सवार थे?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक MT जलवीर पर लगभग 20 चालक दल सदस्य मौजूद थे। हालांकि अभी तक अधिकारियों की ओर से क्रू मेंबर्स की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस वजह से सभी नाविकों की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाने का काम जारी है। MT जलवीर की घटना कोई अकेली घटना नहीं है। दरअसल, यह इस सप्ताह ओमान और आसपास के समुद्री क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों के साथ हुई तीसरी बड़ी घटना मानी जा रही है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इससे पहले Settebello पर हुआ था हमला
इस सप्ताह की शुरुआत में पलाऊ-ध्वज वाले तेल टैंकर सेट्टेबेलो (Settebello) पर भी हमला हुआ था। यह हमला ओमान की खाड़ी में हुआ था, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। इस हादसे में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जबकि 21 अन्य चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इस घटना ने पूरे भारतीय समुद्री समुदाय को झकझोर कर रख दिया था।
अमेरिका ने हमले की जिम्मेदारी ली थी
सेट्टेबेलो घटना के बाद अमेरिका ने कहा था कि उसकी सेना ने जहाज पर "सटीक हमला" (Precision Strike) किया था। अमेरिका का आरोप था कि जहाज को दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया और वह कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहा था। अमेरिकी सेना ने बाद में इस कार्रवाई का वीडियो फुटेज भी जारी किया था, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस को और बढ़ा दिया। इसके अलावा MT जलवीर और सेट्टेबेलो की घटनाओं से पहले MT मैरीवेक्स (MT Marivex) भी चर्चा में आया था। यह पलाऊ-ध्वज वाला एक तेल टैंकर था, जिस पर 24 भारतीय चालक दल सदस्य सवार थे।
एक ही सप्ताह में MT मैरीवेक्स, सेट्टेबेलो और अब MT जलवीर से जुड़ी घटनाओं ने यह दिखाया है कि इस इलाके में काम कर रहे कमर्शियल जहाजों के सामने खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। फिलहाल भारतीय दूतावास, स्थानीय समुद्री अधिकारी और संबंधित एजेंसियां MT जलवीर की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सभी की उम्मीद है कि जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहें और स्थिति जल्द सामान्य हो जाए।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














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