हरियाणा की हार के बाद कैप्टन अजय सिंह यादव ने छोड़ी कांग्रेस, पार्टी पर लगाए ये गंभीर आरोप
Capt. Ajay Singh Yadav: हरियाणा विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने गुरुवार (17 अक्टूबर) को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा है कि सोनिया गांधी के पार्टी अध्यक्ष पद से हटने के बाद उनके साथ खराब व्यवहार किया जा रहा है। इसलिए वह कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे रहे हैं। अजय सिंह यादव (65) ने कहा, "सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के बाद मेरे साथ खराब व्यवहार किया जा रहा है। जिसकी वजह से मैं पार्टी आलाकमान से निराश हूं।''

ये भी पढ़ें- Who is Rajesh Nagar: कौन हैं राजेश नागर, जो हरियाणा सरकार में गुर्जर समाज से इकलौते मंत्री बने
अजय सिंह यादव बोले-इस्तीफा देने का यह फैसला वास्तव में कठिन था
अजय सिंह यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैंने एआईसीसी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी को भेज दिया है।
अजय सिंह यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, "इस्तीफा देने का यह फैसला वास्तव में कठिन था, जिनके साथ मेरे परिवार का 70 साल का जुड़ाव था क्योंकि मेरे पिता स्वर्गीय राव अभय सिंह 1952 में विधायक बने थे और उसके बाद मैंने पारिवारिक परंपरा को जारी रखा, लेकिन सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद मेरे साथ खराब व्यवहार करने के लिए पार्टी हाईकमान से मोहभंग हो गया है।''
ये भी पढ़ें- 'मेरे जैसे कार्यकर्ता को दिया हरियाणा का CM बनने का अवसर', शपथ लेते ही नायब सैनी ने PM मोदी का जताया आभार
अजय सिंह यादव के बेटे चिरंजीव राव हाल में हारे में हैं विधानसभा चुनाव
पिछले कुछ वर्षों में अजय सिंह यादव कांग्रेस छोड़ने वाले तीसरे प्रमुख नेता हैं, अन्य दो कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी हैं, जो दोनों भाजपा में हैं। यादव ने हाल ही में कहा था कि जनादेश मिलने से पहले मुख्यमंत्री बनने के लिए हरियाणा कांग्रेस में खींचतान एक बड़ी भूल थी।
अजय सिंह यादव, जिनके बेटे चिरंजीव राव हाल ही में रेवाड़ी विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे, ने कहा था कि पार्टी को दक्षिणी हरियाणा खासकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में अपनी विफलता के लिए आत्मचिंतन करना चाहिए, जहां भाजपा ने 10 सीटों के मुकाबले सिर्फ एक सीट जीती थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि अहीरवाल क्षेत्र का कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी), केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी), एआईसीसी महासचिवों या यहां तक कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस समिति (एचपीसीसी) में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। यादव हरियाणा चुनावों के लिए कई उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी अपनी पार्टी से नाखुश बताए जा रहे थे।
ये भी पढ़ें- Who is Arvind Sharma: कौन हैं अरविंद शर्मा, जिनको 'राहुल गांधी की जलेबी' ने हरियाणा में बनाया कैबिनेट मंत्री!
अजय सिंह यादव बोले- ओबीसी विभाग के अध्यक्ष का पद भी दिखावा था
अजय सिंह यादव ने यह भी आरोप लगाया था कि एआईसीसी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष के रूप में उनका पद भी दिखावा और शक्तिहीन था। हाल ही में हुए चुनावों में भाजपा लगातार तीसरी बार हरियाणा में सत्ता में आई। पिछली हुड्डा सरकार में मंत्री रहे अजय सिंह यादव का भूपेंद्र हुड्डा के साथ कभी तालमेल नहीं रहा।
इस बीच भाजपा ने मंगलवार को कांग्रेस पर ओबीसी और दलित विरोधी पार्टी होने का आरोप लगाया और मांग की कि राहुल गांधी को देश को बताना चाहिए कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मोर्चे के अध्यक्ष कैप्टन अजय सिंह यादव का "अपमान" क्यों किया गया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यादव की हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कांग्रेस पर हमला बोला था कि पार्टी को राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में, खासकर दक्षिणी हरियाणा में हुई हार के लिए आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications