NEET Paper Leak: प्रगति के बाद विकास बिंवाल भी लापता, आरोपी मांगीलाल के बच्चे कॉलेज से कैसे हुए गायब?
NEET 2026 Paper Leak: राजस्थान में सामने आए NEET 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब और गहरी होती जा रही है। हर दिन ऐसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिन्होंने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब इस मामले की कड़ियां सवाईमाधोपुर मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई हैं। CBI की जांच में आरोपी भाई दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल के परिवार के कई सदस्यों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा मांगीलाल बिंवाल के बेटे विकास बिंवाल को लेकर हो रही है, जो पिछले कई दिनों से कॉलेज से गायब बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां उसके अकादमिक रिकॉर्ड, परीक्षा प्रदर्शन और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। दूसरी ओर परिवार के कई सदस्यों का एक साथ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चयन होना भी अब जांच के घेरे में आ गया है।

मेडिकल कॉलेज तक पहुंची जांच
सीबीआई की जांच में अब सवाईमाधोपुर मेडिकल कॉलेज का नाम भी सामने आया है। आरोपी मांगीलाल बिंवाल का बेटा विकास बिंवाल यहां एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। बताया जा रहा है कि 11 मई से वह बिना किसी सूचना के कॉलेज से गायब है। उसके अचानक लापता होने के बाद जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और गतिविधियों की जांच में जुट गई हैं।
वहीं मांगीलाल की बेटी प्रगति बिंवाल, जो दौसा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, वह भी कॉलेज नहीं पहुंच रही है। जानकारी के मुताबिक पेपर लीक मामला सामने आने के बाद उसने अवकाश आवेदन दिया और कॉलेज छोड़ दिया।
औसत छात्र से अचानक टॉपर जैसा प्रदर्शन
विकास बिंवाल का शैक्षणिक रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया है। जानकारी के अनुसार उसने 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में केवल 55 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। नीट-2024 में भी उसके केवल 270 अंक आए थे। कोचिंग संस्थानों के टेस्ट में भी उसका प्रदर्शन सामान्य से कमजोर बताया गया।
लेकिन नीट-2025 में उसका प्रदर्शन अचानक पूरी तरह बदल गया। उसने 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए और सवाईमाधोपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिला पा लिया। यही बदलाव अब जांच एजेंसियों को शक के घेरे में नजर आ रहा है।
चार महीने तक कॉलेज में नहीं दिखा छात्र
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि जनवरी से अप्रैल तक विकास की कॉलेज अटेंडेंस लगभग शून्य रही। कई टेस्ट में वह अनुपस्थित रहा, जबकि जिन परीक्षाओं में शामिल हुआ वहां भी अंक बेहद कम थे। इसके बावजूद नीट-2025 में उसका शानदार प्रदर्शन सवाल खड़े कर रहा है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यही पैटर्न परिवार के अन्य सदस्यों में भी दिखाई दे रहा है। अब उनके परीक्षा रिकॉर्ड, कोचिंग टेस्ट, सोशल मीडिया गतिविधियों और प्रचार सामग्री तक की जांच की जा रही है।
एक ही परिवार के पांच सदस्य मेडिकल कॉलेज पहुंचे
जांच में सामने आया है कि दिनेश, मांगीलाल और उनके भाई घनश्याम के परिवार से कुल सात सदस्य नीट परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से पांच छात्रों का चयन अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ।
औसत प्रदर्शन करने वाले कई छात्रों का अचानक मेडिकल कॉलेजों में पहुंच जाना अब जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है। इसी वजह से नीट-2025 परीक्षा की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
परिवार के कई सदस्य कर रहे MBBS
सूत्रों के अनुसार परिवार की भतीजी सानिया जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष की छात्रा है। दूसरी भतीजी पलक महाराष्ट्र के मुंबई स्थित एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही है।
इसके अलावा मांगीलाल का बेटा विकास सवाईमाधोपुर मेडिकल कॉलेज और बेटी प्रगति दौसा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रहे हैं। वहीं दिनेश की बेटी गुंजन बनारस से मेडिकल शिक्षा हासिल कर रही है।
प्रगति बिंवाल के अचानक कॉलेज छोड़ने और विकास के रहस्यमय तरीके से गायब होने के बाद अब पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।












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