QUAD: क्या है क्वाड और क्यों हुई इसकी स्थापना? इससे क्यों चिढ़ता है चीन?
क्वाडिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग यानि क्वाड एक फोरम है जिसमें विश्व के चार देश यूएस, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान शामिल हैं।

QUAD: 3 मार्च 2023 को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन, जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी भाग लिया। क्वाड बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र के लिए चारों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और कहा कि यह कानून के शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों का दृढ़ता से समर्थन करता है। साथ ही यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर अपना समर्थन जताया है।
क्या है क्वाड का इतिहास?
26 दिसंबर 2004 इतिहास की वो तारीख है जब ऐसी तबाही मची, जिसने भारत समेत दुनिया के 14 देशों में सुनामी के कारण लाशें बिछा दीं। इंडोनेशिया के उत्तरी भाग में स्थित असेह में 9.1 तीव्रता वाले भूकंप के कारण समुद्र में 65 फीट ऊंची लहरें उठीं। अकेले भारत में 12 हजार 405 लोगों की मौत हुई। वहीं पूरी दुनिया में 2 लाख से भी ज्यादा लोग मारे गये। अरबों डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ। तब भारत ने अपने और पड़ोसी देशों के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया। इसके बाद अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी भारत की बचाव मुहिम से जुड़ गये और यहीं से शुरू हुई क्वाड (QUAD) की कहानी।
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस क्वाड को औपचारिक रूप देने की बात कही। तब इस समूह की बैठक भी हुई थी जिसे लेकर चीन ने इसका पुरजोर विरोध किया था। वहीं शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ग्रुप से बाहर रहा। उसके बाद एक दशक (10 साल) तक इस पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई। लेकिन, साल 2017 में चीन के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव के प्रति बदलते दृष्टिकोण को लेकर इस समूह पर सक्रिय तरीके से काम किया गया। तब नवंबर 2017 में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान ने क्वाड की स्थापना के लंबित प्रस्ताव को आकार दिया।
क्या है क्वाड और उद्देश्य?
क्वाड का मतलब है क्वाडिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग। फिलहाल, क्वाड के चार सदस्य देश अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया हैं। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री रास्तों से आपसी व्यापार को आसान बनाना साथ ही इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी पर लगाम लगाना और प्रमुख समुद्री मार्गों को किसी भी प्रभाव से मुक्त रखना। वहीं इन क्षेत्रों में नेविगेशन की स्वतंत्रता और एक लिबरल ट्रेडिंग सिस्टम को सुरक्षित करना है। यह ग्रुप हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के लिए वैकल्पिक ऋण की पेशकश भी करता है। क्वाड के नेता समकालीन ग्लोबल मुद्दों जैसे टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट चेंज, एजुकेशन आदि पर भी विचार साझा करते हैं।
क्या यह एक 'एशियाई नाटो' है?
जब जापान के टोक्यो में मई 2022 क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन हो रहा था तब चीन बुरी तरह से भड़का हुआ था। चीन क्वाड देशों को अपनी घेरेबंदी के रूप में देखता है और यही वजह है कि तत्कालिन चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने क्वाड देशों पर तीखा हमला करते हुए कहा था अमेरिका ने चीन को काबू में रखने के लिए क्वाड बनाया है। यह समूह 'एशियाई नाटो' बनाने का प्रयास कर रहा है।
जबकि क्वाड सदस्यों का कहना है कि समूह चार देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सैन्य संबंधों को गहरा करने के लिए है। वहीं वे स्पष्ट रूप से कभी नहीं कहते हैं कि उनका ये क्वाड चीन को रोकने के लिए है। एक सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि क्वाड ने बहुत ही वक्त में ग्लोबल लेवल पर खास जगह बना ली है। आज 'क्वाड' का दायरा व्यापक हो गया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि भविष्य में क्वाड को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
भारत के लिए कैसे महत्वपूर्ण है क्वाड?
भारत के लिहाज से क्वाड बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि बीते कुछ सालों में भारत-चीन की सेनाएं लद्दाख, तवांग में आमने-सामने आ गई थीं, इसके बाद टेंशन बढ़ गया था। इस लिहाज से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रणनीतिक रूप से बढ़त हासिल करने के लिए भारत को क्वाड देशों की आवश्यकता है। जो ऐसी स्थिति में मदद कर सकें।
क्वाड को लेकर कब-कब क्या हुआ?
● दिसंबर 2004 में सुनामी आई और जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका ने मिलकर एक ग्रुप बनाया। उद्देश्य था अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद करना;
● साल 2007 में जापान ने इसे औपचारिक रूप से गठित करने का विचार रखा;
● नवंबर 2017 में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान ने क्वाड की स्थापना के लंबित प्रस्ताव पर मुहर लगाई;
● सितंबर 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई;
● अक्टूबर 2020 में टोक्यो में विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक हुई;
● फरवरी 2021 में विदेश मंत्रियों ने टेलीफोन पर बात की;
● मार्च 2021 में पहली बार क्वाड देशों के नेता वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जुड़े;
● सितंबर 2021 में पहली बार क्वाड देशों के नेताओं की मुलाकात हुई;
● फरवरी 2022 में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई;
● मार्च 2022 में क्वाड नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बातचीत की;
● मई 2022 में टोक्यो में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन हुआ;
● 3 मार्च 2023 में दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की पांचवी बैठक हुई।
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