QUAD: भारत ने दक्षिण चीन सागर के सैन्यीकरण के लिए चीन की आलोचना की, भड़का ड्रैगन
क्वॉड देशों के विदेश मंत्रियों ने आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ के सभी स्वरूपों की एक सुर में निंदा की है। आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठनों को फंडिंग या सैन्य सहयोग की भी निंदा की।

Image: PTI
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को क्वाड के तहत हुई बैठक में यूक्रेन युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान को लेकर अपना समर्थन जताया है। इस बैठक में साउथ चाइना सी जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को लेकर भी बात हुई। जयशंकर अपने ऑस्ट्रेलियाई, जापानी और अमेरिकी समकक्ष पेनी वोंग, योशिमासा हयाशी और एंटनी ब्लिंकन के साथ क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित करने और चीन को एक संदेश भेजने के लिए शामिल हुए।
चीन को लेकर जारी किया साझा बयान
उन्होंने नई दिल्ली में एक बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा, "हम मानते हैं कि समुद्री क्षेत्र में शांति और सुरक्षा भारत-प्रशांत के विकास और समृद्धि को रेखांकित करती है, और संप्रभुता के सम्मान के महत्व को दोहराती है।" साझा बयान में ये भी कहा गया कि - 'क्वाड देश यथास्थिति को बदलने या क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हैं।' क्वाड के विदेश मंत्रियों ने अंतर्राष्ट्रीय कानून के पालन पर भी जोर दिया। इसके साथ ही विवादित क्षेत्रों के सैन्यीकरण और तट रक्षक जहाजों एवं समुद्री चरमपंथियों के खतरनाक इस्तेमाल का कड़ा विरोध किया गया।
दक्षिणी चीन सागर में सैन्यीकरण पर विवाद
आपको बता दें कि अमेरिका ऑस्ट्रेलिया, जापान और फिलीपींस, साथ ही चीन के अन्य समुद्री पड़ोसी देश जैसे कि मलेशिया, वियतनाम और ताइवान पिछले कई वर्षों से दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में विवादित क्षेत्रों के सैन्यीकरण का विरोध कर रहे हैं। 2016 में हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय ने इस संबंध में एक स्पष्ट फैसला सुनाया था। इसके मुताबिक दक्षिण चीन सागर के एक बड़े हिस्से पर चीन के दावे का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है।
ड्रैगन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
क्वाड के बयान पर प्रतिक्रिया, देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन का मानना है कि देशों के बीच की बातचीत उस समय के नेचर के अनुसार होनी चाहिए जो विशिष्टता के बजाय शांति और विकास पर ध्यान दे। माओ निंग ने कहा कि हमें लगता है कि देशों को क्षेत्रीय आपसी विश्वास, शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने के लिए और अधिक काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्वाड के लिए चीन के बार-बार विरोध की पुष्टि करते हुए कि यह हमारे विकास को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया एक स्पेशल ब्लॉक है।
-
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार












Click it and Unblock the Notifications