घोडबंदर में बनेगी ‘शिवसृष्टी’, नई पीढ़ी तक पहुंचेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास
महाराष्ट्र सरकार घोडबंदर किले में शिव सृष्टि प्रोजेक्ट की योजना बना रही है, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास और मूल्यों को प्रस्तुत करेगा। एमटीडीसी फंडिंग करेगा, जबकि मीरा-भयंदर नगर निगम मंजूरी, संचालन और रखरखाव संभालेगा। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और युवाओं को भारतीय इतिहास और संस्कृति से जोड़ना है।
महाराष्ट्र सरकार घोडबंदर क्षेत्र में एक बड़े पर्यटन और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट "शिवसृष्टी" का निर्माण करने जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास, विचारों और स्वराज्य की भावना को नई पीढ़ी तक आधुनिक और आकर्षक तरीके से पहुंचाना है।

पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने मंत्रालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिवसृष्टी प्रोजेक्ट से घोडबंदर किले और आसपास के क्षेत्र का विकास होगा तथा पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान परियोजना की रूपरेखा और कार्य प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
सरकार के अनुसार, शिवसृष्टी प्रोजेक्ट में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, युद्ध कौशल, प्रशासनिक दृष्टिकोण और स्वराज्य की अवधारणा को आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं और पर्यटकों को मराठा इतिहास से जोड़ना है। परियोजना में ऐसे विभिन्न माध्यम विकसित किए जाएंगे, जिनसे लोग शिवाजी महाराज के संघर्ष और योगदान को आसानी से समझ सकें और अनुभव कर सकें।
महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल उठाएगा पूरा खर्च
सरकार ने तय किया है कि इस परियोजना का संपूर्ण वित्तीय भार महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (MTDC) वहन करेगा। वहीं, सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरियां मिरा-भाईंदर महानगरपालिका द्वारा दी जाएंगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद इसका संचालन और रखरखाव भी मिरा-भाईंदर महानगरपालिका के जिम्मे रहेगा।
घोडबंदर क्षेत्र को मिलेगा पर्यटन केंद्र के रूप में नया पहचान
घोडबंदर किला और उसके आसपास का इलाका पहले से ही ऐतिहासिक महत्व रखता है। सरकार का मानना है कि शिवसृष्टी परियोजना के बाद यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। पर्यटकों को यहां शिवाजी महाराज के इतिहास को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, इससे स्थानीय पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
युवाओं को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने की पहल
सरकार का कहना है कि शिवसृष्टी प्रोजेक्ट केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं को भारतीय इतिहास, संस्कृति और स्वाभिमान से जोड़ने का भी माध्यम बनेगा। परियोजना के जरिए छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।












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