जानिये क्या करें अगर एटीएम से मिले जाली नोट
नई दिल्ली। जाली नोटों का कारोबार कुछ इस कदर बढ़ गया है कि हम से हर कोई इसका एक ना एक बार शिकार हो चुके हैं। हम अक्सर 500 का 1000 का नोट लेते वक्त उसकी जांच करते हैं, लेकिन जब कभी हम उसे एटीएम से निकालते हैं तो उसपर पूरा भरोसा करके उसकी जांच नहीं करते हैं।[जानिये कैसे पहचाने 500 का नकली नोट]
एटीएम से नोट निकालते वक्त हमें इस बात का भरोसा होता है कि बैंक नोटों को जांचने के बाद ही उसे एटीएम में डालते हैं। लेकिन अक्सर हम हमें इस तरह की खबरें मिलने लगी हैं कि एटीएम से भी हमें जाली नोट निकलते हैं। लेकिन एटीएम से निकले जाली नोटों को किस तरह से बैंक को वापस कर इसकी शिकायत करें यह जानना काफी अहम हैं।
बैंक के पास नोट की शिकायत अवश्य करें
इसके अलावा आप के पास एक और विकल्प है, एटीएम से जाली नोट निकलने पर आप उसे लेकर सीधे संबंधित बैंक के पास जा सकते हैं। बैंक उस नोट पर ‘COUNTERFEIT BANKNOTE IMPOUNDED' की मुहर लगाकर उसके उपयोग पर रोक लगा देगा और आपको बैंक की ओर से यह रसीद दी जाएगी।

बैंक के खिलाफ एफआईआर करायें
वहीं बैंक के अधिकारियों की मानें तो इस समस्या से निपटने के लिए कंज्यूमर बैंक के खिलाफ जाली नोट दिये जाने के चलते सबसे पहले एफआईआर करानी चाहिए, जिससे की जाली नोट की जांच की जा सके। इस शिकायत के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया संबंधित बैंक के खिलाफ अपराध साबित होने पर कार्यवाही कर सकती है।
क्या कहता है कानून
वहीं कानूनी तौर पर देखें तो जाली नोटों को देना एक दंडनीय अपराध है। आईपीसी की धारा 489 के तहत इस अपराध के लिए सात साल की सजा हो सकती है यही नहीं अपराधी को उम्रकैद तक की भी सजा हो सकती है।
एटीएम में जाली नोट की पूरी जिम्मेदारी संबंधित बैंक की
यह हर बैंक की जिम्मेदारी होती है कि एटीएम में नोट डालने से पहले उसकी बेहतरी से जांच की जाए। आरबीआई के मास्टर सर्कुलर में यह साफ निर्देश दिया गया है कि एटीएम में डाले जाने वाले नोट पूरी तरह से संबंधित बैंक के होते हैं और उनकी इन नोटों के प्रति जवाबदेही होती है। वहीं अगर जाली नोटों का मामला साबित होता है तो बैंक के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।













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