YouTube CEO: यूट्यूब को भी अब एक भारतीय करेगा लीड, जानें नए सीईओ नील मोहन के बारे में
गूगल ने वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब के शीर्ष अधिकारी के तौर पर भारतीय मूल के नील मोहन को नियुक्त किया है। इससे पहले वो यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।

YouTube CEO: गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने नील मोहन को यूट्यूब का नया सीईओ नियुक्त किया है। गूगल की वीडियो स्ट्रीमिंग और शेयरिंग प्लेटफॉर्म के सीईओ सुजन वोज्स्की के इस्तीफे के बाद नील मोहन को इस प्लेटफॉर्म का नया सीईओ बनाया गया है। इससे पहले वो यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। नील 2008 से गूगल के साथ जुड़े हुए हैं। अपने अब तक के कार्यकाल के दौरान वो गूगल में कई अहम पदों पर कार्यरत रह चुके हैं। पिछले कुछ सालों से वो गूगल के मोनिटाइजिंग बिजनेस का काम-काज देख रहे थे।
नील मोहन कौन है?
यूट्यूब के नए सीईओ के नाम की घोषणा होने के बाद लोग भारतीय मूल के नील मोहन को इंटरनेट पर सर्च करने लगे। नील मोहन अमेरिका के मिशिगन और फ्लोरिडा में पले-बढ़े हैं। उन्होंने 1996 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। इसके बाद उन्होंने कई आईटी कंपनियों में काम किया। साल 2005 में उन्होंने स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी से ही एमबीए पूरा किया। नील मोहन ने गूगल ज्वॉइन करने से पहले माइक्रोसॉफ्ट में इंटर्नशिप भी की थी। करियर की शुरुआत में वो एसेंचर जैसी आईटी सर्विस प्रदान करने वाली कंपनी में भी काम कर चुके थे।
2008 में नील मोहन डबल क्लिक कंपनी में कार्यरत थे। गूगल द्वारा डबल क्लिक का अधिग्रहण करने के बाद नील गूगल से जुड़े थे। गूगल में 8 साल पूरे करने के बाद 2015 में उन्हें यूट्यूब का चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर बनाया गया। यूट्यूब से पहले वो गूगल डिस्प्ले एंड एडवर्टाइजिंग डिविजन में काम कर चुके थे। गूगल में उन्होंने गूगल डिस्प्ले नेटवर्क, ऐडसेंस, एडमोब और डबलक्लिक ऐड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट सर्विसेज में भी काम किया था।
नील मोहन को टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ है। साथ ही, उन्हें बिजनेस स्ट्रेटेजी बनाने की महारत भी हासिल है। नील ने 2015 से लेकर अब तक यूट्यूब की मोनेटाइजेशन पॉलिसी में कई तरह के बदलाव किए हैं। गूगल के सबसे कमाऊ प्रोडक्ट यूट्यूब को अब वो लीड करेंगे।
100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बोनस
नील मोहन को कंपनी में रिटेन करने के लिए गूगल ने 2013 में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 544 करोड़ रुपये का बोनस दिया था। कंपनी के चेयरमैन एरिस श्मिट के अलावा वो कंपनी द्वारा 100 मिलियन डॉलर खर्च करके रिटेन किए जाने वाले एकलौते कर्मचारी हैं। 2013 में गूगल ने नील मोहन को कंपनी के प्रोडक्ट एडवर्टाइजिंग के उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया था। इस साल माइक्रोब्लॉगिंग कंपनी ट्विटर ने नील को अपने साथ काम करने का ऑफर दिया। गूगल के शीर्ष अधिकारियों को जब इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने नील को कंपनी में रिटेन करने के लिए 100 मिलियन डॉलर का ऑफर दिया था। गूगल ने नील को यह रकम बोनस के तौर पर दी थी।
यूट्यूब शॉर्ट्स लांच किया
नील मोहन ने यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर रहते हुए हुए साल 2021 में शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब शॉर्ट्स लांच किया था। यह प्लेटफॉर्म चीनी शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिक-टॉक, इंस्टाग्राम रील्स को टक्कर दे रहा है। अमेरिकी टेक वेबसाइट द वर्ज को दिए अपने एक इंटरव्यू में नील ने कहा था कि यूट्यूब शॉर्ट्स लॉन्च करने की प्रेरणा उन्हें प्लेटफॉर्म पर डाले गए एक 18 सेकेंड्स के वीडियो मी ऐट द जू से मिली थी।
लॉन्च के महज दो साल के अदर ही यूट्यूब शॉर्ट्स में क्रिएटर्स के लिए कई फीचर्स जोड़े गए हैं। वीडियो क्रिएटर्स अपने लंबे वीडियो को एडिट करके शॉर्ट्स पर अपलोड कर सकते हैं। कंपनी यूट्यूब के साथ-साथ शॉर्ट्स को भी मॉनिटाइज कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू कमाया जा सके। नील मोहन का लक्ष्य इस साल यूट्यूब का रेवेन्यू 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 58 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।
पूर्व सीईओ सुजन वोज्स्की ने भी की तारीफ
यूट्यूब की पूर्व सीईओ सुजन वोज्स्की ने 16 फरवरी को दिए इस्तीफे में कर्मचारियों के नाम एक ई-मेल लिखा, जिसमें सुजन ने यूट्यूब टीम की तारीफ की थी। सुजन ने 9 साल पहले 2014 में यूट्यूब के सीईओ का पदभार संभाला था। अपने इस्तीफे वाले ई-मेल में सुजन ने नए सीईओ नील मोहन की तारीफ करते हुए लिखा है कि मेरी प्राथमिकता एक बेहतर नेतृत्व टीम को लाना था, नील मोहन उनमें से एक हैं। सुजन के ई-मेल पर नील मोहन ने रिप्लाई देते हुए लिखा है कि आपके साथ इतने वर्षों तक काम करके मुझे अच्छा लगा है। आपने यूट्यूब को क्रिएटर्स के साथ-साथ व्यूअर्स के लिए एक जबरदस्त प्लेटफॉर्म बनाया है। मुझे इस मिशन को और आगे ले जाने में अच्छा लगेगा।
बड़े बिजनेस लीडर्स की लिस्ट में हुए शामिल
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यूट्यूब के सीईओ का पदभार संभालते ही नील मोहन, गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला, ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल और अडोबी के सीईओ शांतनु नारायण जैसे भारतीय मूल के टॉप बिजनेस लीडर की सूची में शामिल हो गए हैं।
● ट्विटर सीईओ - पराग अग्रवाल (2021)
● विमिओ - अंजलि सूद (2021)
● आईबीएम - अरविंद कृष्णा (2020)
● गूगल और अल्फाबेट के सीईओ - सुंदर पिचाई (2015)
● माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ - सत्य नडेला (2014)
● अडोबी के सीईओ - शांतनु नारायण (2007)
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