गांव जहां बेटों को माना जाता है अभागा, बेटियां करती हैं राज

नयी दिल्ली। यूं तो भारतीय समाज में अब भी बेटों को बेटियों से ज्यादा तव्वजों दिया जाता हैं। लड़कों को ज्यादा लाड-प्यार मिलता है जबकि लड़कियों को बोझ मानते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में एक ऐसा भी गांव है जहां लड़को को अभागा माना जाता है।

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सुनकर हैरानी हो रही होगी, लेकिन भारत के मेघालय राज्य में स्थित मावलीनांग गांव ऐसा गांव है जहां बेटों को दुर्भाग्यशाली समझा जाता है जबकि लड़कियां यहां राज करती है। इस गांव में आदिम जनजाति खासी लोग रहते हैं जिनकी आबादी लगभग 500 लोगों की है।

राज करती है लड़कियां

राज करती है लड़कियां

मावलीनांग गांव में लड़कियां एक तरह से राज करती हैं, क्योंकि यहां पुरूषा प्रधानता का नाम तक नहीं। इस दुर्लभ समाज में सिर्फ महिलाओं की ही सत्ता चलती है।

मां का नाम सरनेम

मां का नाम सरनेम

इस गांव में बच्चे अपने नाम के आगे मां का सरनेम लगाते हैं।

साफ-सुथरा गांव

साफ-सुथरा गांव

मावलीनांग गांव काफी साफ-सुथरा गांव है। इसे एशिया का सबसे साफ-सुथरा गांव माना जाता है।

लड़के है दुर्भाग्यशाली

लड़के है दुर्भाग्यशाली

आदिम जनजाति खासी लोगों के इस गांव में लड़कों दुर्भाग्यशाली माना जाता है। महिलाओं को किसी भी बात की कोई रोकटोक नहीं है।

लड़की होती है संपदा की वारिस

लड़की होती है संपदा की वारिस

मालीनांग गांव में बसी खास जनजाति की संस्कृति परिवार की सबसे छोटी लड़की को ही धन और संपदा की वारिस माना जाता है।

शादी करने की आजादी गांव की लड़कियों को

शादी करने की आजादी गांव की लड़कियों को

शादी करने की आजादी इस गांव की लड़कियों को अपनी मर्जी से शादी करने की आजादी होती है। यहां महिलाओं पर किसी भी बात की कोई बंदिश नहीं, कोई भी लड़की अपनी मर्जी से तलाक ले सकती है अथवा अकेले रह सकती है।

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