Piyush Pandey: क्या है पीयूष पांडे की मौत का कारण? बहन ईला अरुण ने खोला राज, क्या करती है पत्नी?
Piyush Pandey: भारत को यादगार जिंगल्स और अभियान देने वाले एड गुरु पीयूष पांडे ने 70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसके बाद मनोरंजन जगत से लेकर सियासी गलियारों में शोक की लहर है। पीएम मोदी ने भी उनके निधन पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि ' श्री पीयूष पांडे जी अपनी रचनात्मकता के लिए प्रशंसित थे।'
'उन्होंने विज्ञापन और संचार जगत में अभूतपूर्व योगदान दिया। मैं वर्षों तक हमारे बीच हुई बातचीत को हमेशा संजो कर रखूंगा। उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।'

आपको बता दें कि फेविकोल के मज़ेदार 'जोर लगा के हईशा' से लेकर एशियन पेंट्स के 'हर घर कुछ कहता है' और 'दो बूंद जिंदगी के' जैसे लोकप्रिय स्लोगन के जरिए लोगों के दिल-दिमाग पर अमिट छाप छोड़ने वाले पीयूष पांडे ने लोगों को 'असली स्वाद ज़िंदगी का' समझाया था।
Piyush Pandey की पत्नी का नाम नीता पांडे
मालूम हो कि जब से पीयूष पांडे के निधन की खबर सामने आई है, उसके बाद से सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर लगातार चर्चाएं जारी है। लोग उनके परिवार, नेटवर्थ, उनकी पत्नी के बारे में जानना चाह रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनकी दो शादियां हुई थीं, पहली पत्नी के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन उनकी दूसरी और मौजूदा पत्नी का नाम नीता जोशी है, जिनसें उन्होंने साल 2000 में शादी की थी।
एडवरटाइजिंग प्रोफेशनल और कलाकार (Piyush Pandey)
पीयूष ने उनसे ब्याह पहली पत्नी से तलाक लेने के बाद रचाया था तो वहीं नीता की भी ये दूसरी शादी थी, उनकी भी पहली शादी टूट गई थी और पीयूष की धर्मपत्नी बनने से पहले वो तलाकशुदा थीं। नीता जोशी भी अपने पति की तरह काफी क्रिएटिव रही हैं, वो भी एडवरटाइजिंग प्रोफेशनल और कलाकार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक नीता और पीयूष की मुलाकात Ogilvy में ही काम के दौरान हुई थी।

Piyush Pandey का निधन निमोनिया के कारण हुआ
पीयूष पांडे की मौत से टूटी मशहूर सिंगर और उनकी बहन ईला अरूण ने Indianexpress से बात करते हुए कहा कि 'मेरे भाई का आज सुबह 5.50 बजे निमोनिया के कारण निधन हो गया। वह आईसीयू में थे। एक बहन होने के नाते, मैं कह सकती हूं कि वह एक अनमोल भाई और हमारे परिवार की जान थे। वह एक विज्ञापन गुरु थे जो 30 सेकंड में लंबी कहानियाँ सुना देते थे।'
आज हमारे घर का रौनक चला गया: बहन ईला अरुण
उन्होंने रोते हुए कहा कि ' वह ज़मीन से जुड़े हुए, स्वाभिमानी थे, और हमेशा दूसरों को अपने शब्दों, 'फ्रंट फुट से खेलो' से प्रोत्साहित करते थे, जो आत्मविश्वास और हर काम में अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ज़ोर देते थे। हम उनकी याद को हमेशा संजोकर रखेंगे, आज हमारे घर का रौनक चला गया।'












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